रेवाड़ी। बच्चों के कॅरिअर, मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए जिला बाल कल्याण परिषद जल्द ही बाल भवन में जिले का पहला चाइल्ड गाइडेंस एवं कॅरिअर काउंसलिंग सेंटर शुरू करेगी। सरकारी संस्था और सीएसआर के सहयोग से संचालित होने वाले इस केंद्र का शुभारंभ सितंबर में करने का लक्ष्य रखा गया है।
चाइल्ड गाइडेंस एंड कॅरिअर काउंसलिंग सेंटर में बच्चों और अभिभावकों को विशेषज्ञों की ओर से निशुल्क परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
केंद्र सप्ताह में तीन दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगा। इसमें स्कूल से लेकर कॉलेज तक के विद्यार्थियों को उनकी रुचि, क्षमता और योग्यता के अनुसार करियर संबंधी मार्गदर्शन दिया जाएगा।
बदलते समय को देखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित नए और उभरते करियर विकल्पों की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि विद्यार्थी भविष्य को ध्यान में रखकर सही निर्णय ले सकें।
केंद्र में एक महिला और एक पुरुष काउंसलर की नियुक्ति का प्रयास किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर मनोवैज्ञानिक (साइकोलॉजिस्ट) की सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों के लिए सकारात्मक पेरेंटिंग, बच्चों के साथ संवाद, मानसिक तनाव और बदलते सामाजिक परिवेश में पालन-पोषण जैसे विषयों पर विशेष काउंसलिंग एवं इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किए जाएंगे।
बाल भवन से जुड़े बच्चों के अलावा सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। जिले के दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों के लिए समय-समय पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
यदि काउंसिलिंग के दौरान किसी बच्चे में गंभीर मानसिक तनाव या अन्य मनोवैज्ञानिक समस्या सामने आती है तो उसे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़कर आवश्यक उपचार और सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मानसिक स्वास्थ्य और कॅरिअर पर रहेगा जोर
केंद्र में बच्चों और अभिभावकों की काउंसलिंग के दौरान पढ़ाई का दबाव, आत्मविश्वास की कमी, व्यवहार संबंधी समस्याएं, पारिवारिक संवाद और भविष्य की योजना जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा। विशेषज्ञ बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुरूप उन्हें सही दिशा देने के साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास पर भी कार्य करेंगे।
विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन मिलना जरूरी : वीरेंद्र
जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव ने बताया कि आज के समय में कई बच्चे छोटी-छोटी असफलताओं से भी निराश हो जाते हैं। ऐसे में उन्हें समय पर सही मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग मिलना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह केंद्र शुरू किया जा रहा है, ताकि बच्चे मानसिक रूप से मजबूत बनें, उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे सकारात्मक सोच के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर सकें।