रेवाड़ी/खोल। जिले में प्रस्तावित अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) निर्माण को लेकर वीरवार को केंद्र से आई टीम ने पांच घंटे तक प्रोजेक्ट की पांच सबसे बड़ी बाधाओं पर गांव माजरा पहुंचकर जिला प्रशासन के साथ मंथन किया। टीम वीरवार को प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के तहत गांव माजरा पहुंची।
गांव माजरा में टीम ने पहाड़ से आने वाले पानी की निकासी की व्यवस्था, प्रोजेक्ट से एनएच-11 व 48 की दूरी, बाछौद हवाई पट्टी की दूरी, माजरा के किसानों की ओर से दी गई जमीन के बीच बचे हुए पैच, पंचायत की 100 एकड़ जमीन पर पेड़ों की संख्या व उनकी कटाई, ऊबड़-खाबड़ जमीन को समतल करने सहित जैसे बड़ी अड़चनों को दूर करने के लिए चर्चा की। प्रस्तावित स्थल पर डीसी यशेंद्र सिंह से लेकर पटवारी तक ने अधिकारियों को समझाया कि आखिर किस तरह से प्रोजेक्ट में किसी तरह की बाधा नहीं है।
वीरवार को भारत सरकार में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर के संयुक्त सचिव सुनील शर्मा के नेतृत्व में केंद्रीय टीम ने वीरवार को एम्स निर्माण के लिए माजरा व भालखी गांव की जमीन जायजा लिया। जायजा लेने पहुंची टीम में डीके शर्मा मेडिकल सुपरिटेंडेंट एम्स नई दिल्ली, नरेन्द्र कुमार ओज, निदेशक, पीएमएसएस, मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ फैमिली वेलफेयर राजीव कनौजिया, सीनियर आर्किटेक्ट सीडीबी, जीपी श्रीवास्तव, एसई एम्स राय बरेली शामिल रहे। इस दौरान प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए प्रस्तावित स्थल को लेकर सहकारिता मंत्री ने केंद्रीय टीम को खूबियां गिनाईं।
हनुमान मंदिर से शुरू हुआ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण शुभ संकेत
गांव माजरा में एम्स के लिए दी गई जगह का निरीक्षण करने पहुंची टीम ने सबसे पहले कुंड पुलिस चौकी के पास स्थित हनुमान मंदिर से साइट का निरीक्षण किया। हनुमान मंदिर से शुरू हुआ कार्य शुभ संकेत दे रहा है। टीम ने माजरा के पहाड़ में स्थित हनुमान मंदिर के पास जिला प्रशासन द्वारा गांव माजरा द्वारा ई-पोर्टल पर चढ़ाई जमीन का नक्शा टीम को दिखाते हुए जगह दिखाई। जिला प्रशासन ने टीम को बताया कि गांव माजरा ने 300 एकड़ से अधिक जमीन एम्स के लिए दी है। जमीन सड़क व रेलवे लाइन के दोनों तरफ है। टीम ने खेतों का निरीक्षण करते हुए रेलवे लाइन के साथ लगते रास्ते के बारे में पूछताछ की।
पहाड़ से बारिश का पानी कैसे जाएगा
टीम ने बारिश के पानी की निकासी के लिए नेशनल हाईवे के नीचे से बनाए गए नाले का निरीक्षण किया। टीम ने कहा कि जब बारिश में पहाड़ से पानी आता है तो कितना आता है और कहां जाता है। इसके बाद टीम ने राजकीय स्कूल के पास जगह का निरीक्षण किया। वहां पर स्कूल के पास एक मंदिर है, उसके बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली। तत्पश्चात टीम चीताडूंगरा सड़क मार्ग पर गांव माजरा की पंचायती भूमि जो राजस्थान सीमा से टच करती है का निरीक्षण किया। जमीन कैसी है और कितने पेड़-पौधे उस जमीन पर हैं। पेड़ हैं तो किस के हैं। रेलवे लाइन के साथ लगती जमीन का निरीक्षण करते हुए ऊंची-नीची जमीन के बारे में पूछताछ की।
सुझाव : पैच की बाधा जल्द से जल्द करें दूर
टीम ने बारीकी से बारिश के दिनों में पहाड़ से निकलने वाले पानी के उस रास्ते निरीक्षण किया, जहां पानी जाकर ठहरता है। रेलवे ने लाइन के बहुत बड़ा अंडरपास बनाया है, जहां से वह पानी निकलता है। नक्शे को देखकर विचार करते हुए टीम ने कहा कि जिन किसानों ने जमीन ई-पोर्टल पर नहीं चढ़ाई है, उन किसानों से बातचीत कर जल्द से बीच की जमीन को ई-पोर्टल पर चढ़वाए, ताकि आगे किसी भी प्रकार की दिक्कत न आए। बता दें कि माजरा गांव की जमीन में भी कुछ स्थानों पर पैच बचे हुए हैं।
प्रशासन को बचे हुए पैच की रिपोर्ट तैयार कर दोबारा भेजनी होगी
नक्शे के हिसाब टीम ने एम्स के लिए दी गई जमीन का बारीकी से निरीक्षण करते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार की। टीम ने कहा कि प्रशासन जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट तैयार कर हमें भेजे। जो नक्शा बनाया गया है, उस नक्शे में बीच में कई किसानों ने अपनी जमीन अभी नहीं दी है, जो एक व्यक्ति की न होकर पूरे परिवार व भाइयों की है। उनसे बातचीत कर उस जमीन को ई-पोर्टल पर चढ़वाया जाए, ताकि यह प्रोजेक्ट जल्द तैयार कर आगे भेजा जा सके। इस मौके पर एम्स संघर्ष समिति के प्रधान सरपंच श्योताज मनेठी, संरक्षण कर्नल राजेन्द्र सिंह, सचिव ओमप्रकाश सैन गोठड़ा, जिला पार्षद आजाद सिंह नांधा, खोल ब्लॉक अध्यक्ष जीतू चेयरमैन, यशु प्रधान, डॉ. एचडी यादव, मास्टर लक्ष्मण सिंह सहित गांव के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सहकारिता मंत्री व प्रशासन ने प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए पूरी ताकत झोंकी
एम्स निर्माण को लेकर प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल व जिला प्रशासन ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। वीरवार को डीसी यशेंद्र सिंह के नेतृत्व में पूरा प्रशासनिक अमला माजरा गांव में मौजूद रहा। वहीं लोक निर्माण विभाग में सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने मोर्चा संभाला हुआ था। डीसी यशेंद्र सिंह ने जहां माजरा गांव में केंद्रीय टीम को निर्माण के लिए सभी उपलब्धताओं को पूरी होने का हवाला दिया जा रहा था। वहीं सहकारिता डॉ. बनवारी लाल ने टीम को सभी बाधाओं को दूर करने का आश्वासन दिया।
डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र से आई टीम ने सभी पहलुओं का बारीकि से निरीक्षण किया है। टीम की ओर से रिपोर्ट तैयारी की गई है। सरकार व प्रशासन की ओर से प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
कैप्शन नंबर 29 रेवाड़ी। प्रस्तावित एम्स के लिए माजरा गांव में नक्शे के माध्यम से जमीनी हकीकत का अव?- फोटो : Rewari