फोटो : 02रेवाड़ी। विद्यालय परिषद के इस जगह पर विकसित होगी सेंटर आफ एक्सीलेंस इन सपोर्ट परिय
रेवाड़ी। ततारपुर स्थित राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में स्थापित होने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स की बहुप्रतीक्षित परियोजना को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। इस योजना को दो माह पूर्व शासन से मंजूरी मिल चुकी है और पंचकूला से आई विशेष जांच टीम ने स्कूल का निरीक्षण कर तमाम आवश्यकताओं की जांच के बाद इसे हरी झंडी भी दे दी थी।
माना जा रहा था कि निरीक्षण के बाद कार्य जल्द ही आरंभ हो जाएगा लेकिन हाल ही में हुई भारी बारिश ने निर्माण कार्य की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। अब यह स्पष्ट नहीं है कि परियोजना का कार्य दोबारा कब शुरू होगा। इस संबंध में एईओ भूपेंद्र ने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी पंचकूला से की जा रही है।
बजट और प्रबंधन से जुड़े सभी फैसले भी वहीं से लिए जा रहे हैं। सेंटर के बन जाने के बाद जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक एवं उच्चस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राज्यस्तर पर भी जिले की पहचान को नई ऊंचाई देगा।
राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में इस सेंटर की स्थापना के साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि स्कूल में ग्राउंड सहित सभी जरूरी खेल-संबंधी सुविधाएं उपलब्ध हों जिससे जिले के इच्छुक खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर सकें। गौरतलब है यह सेंटर जिले भर के उभरते खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा जिससे वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे।
सेंटर की निदेशालय स्तर पर करनी होगी हर 3 माह में समीक्षा
स्कूल की हर तीन महीने में सेंटर की निदेशालय स्तर पर समीक्षा होगी। आगामी ओलंपिक खेलों के लिए खिलाड़ियों का बेस पूल तैयार किया जाएगा। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स विकसित करने का मुख्य मकसद मिशन ओलंपिक है। ओलंपिक में हरियाणा की झोली में अधिक से अधिक मेडल आए इसके लिए खिलाड़ियों को तैयार करने पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसी मकसद से खेलों में स्कूलों को बेस्ट मॉडल के रूप में तैयार करना, स्कूलों में खेल मैदान का निर्माण व किट उपलब्ध करवाना बेहतर कोचिंग की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।
वर्जन
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स विकसित करने के लिए शासन से स्वीकृति मिल चुकी है। आने वाले एक-दो दिनों में निर्माण कार्य शुरू भी शुरू होने थे लेकिन बारिश ने निर्माण कार्य की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। अब यह स्पष्ट नहीं है कि परियोजना का कार्य दोबारा कब शुरू होगा। -विनोद मेहता, प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय, ततारपुर