रेवाड़ी। गोसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग वीरवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लघु सचिवालय में हुई में कहा कि जिले की सड़कों पर गोवंश नहीं दिखना चाहिए। जो गोवंश सड़क पर घूम रहे हैं उनको गोशाला पहुंचाया जाए। कोई पशु घायल है या उसके पुनर्वास की जरूरत है तो 1962 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
उन्होंने बेसहारा गोवंश की टैगिंग, टीकाकरण, अनुदान प्राप्ति, दो रुपये प्रति यूनिट की रियायती बिजली सुविधा तथा विभिन्न पोर्टल योजनाओं में समय पर आवेदन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोवंश से प्राप्त उत्पादों की मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए भी निर्देश दिए। गोशालाओं को ई-रिक्शा प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है जल्द ही जरूरत के अनुसार उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। गोशालाओं के लिए रजिस्ट्री खर्चा जीरो कर दिया गया है और प्रॉपर्टी टैक्स से मुक्त किया गया है।
चेयरमैन ने कहा कि दूसरे प्रदेशों से आने वाले गोवंशों को रोकने के लिए जिला प्रशासन सख्त कदम उठाए। पुलिस विभाग सख्ती के साथ बाहर से आने वाले गोवंशों को रोकने की दिशा में काम करे। उन्होंने निर्देश दिए कि काउ टास्क फोर्स की बैठक प्रत्येक माह सुनिश्चित की जाए। उसकी कार्रवाई गो सेवा आयोग को भिजवाई जाए।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से गोशालाओें की व्यवस्थाओं और उनमें बेसहारा गौवंश पुनर्वास अभियान की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही गोसेवा आयोग की योजनाओं के बारे में भी अवगत करवाते हुए उनकी अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जिले में संचालित गोशालाओं में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संचालकों के साथ जिला प्रशासन द्वारा बैठक की जाती है। सड़कों पर घूम रहे गोवंश को पकड़ कर गोशालाओं में भी भिजवाने के लिए नगर परिषद कार्य कर रही है। इस अवसर पर गोशाला आयोग के वाइस चेयरमैन पूर्ण यादव, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक नसीब सिंह, डीडीपीओ एच.पी. बंसल, नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता अंकित कुमार सहित अन्य अधिकारी और गोशालाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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गांव कारौली में प्रस्तावित है गो अभ्यारण केंद्र
आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा सभी जिलों में गो अभ्यारण केंद्र बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं जहां गोवंश के रहने के लिए पर्याप्त जगह हो। रेवाड़ी जिला के गांव कारौली की पंचायत की जमीन पर करीब 62 एकड़ में अभ्यारण प्रस्तावित है। इस दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है।