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Rewari News: 126 ओवरलोडेड पॉइंट्स में से 118 को अपग्रेड कर बढ़ाई क्षमता

Tue, 31 Mar 2026 04:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी स्थित पावर हाउस। संवाद
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रेवाड़ी। विद्युत निगम का अपग्रेड सिस्टम इस साल गर्मी के दिनों में बढ़ते लोड को संभाल पाएगा यह समय बताएगा। इसके लिए निगम ने जिलेभर में चिह्नित 126 ओवरलोडेड पॉइंट्स में से 118 को अपग्रेड कर उनकी क्षमता बढ़ा दी है। अब निगम का दावा है कि इस तकनीकी सुधार के बाद अघोषित बिजली कटों में कमी आएगी और बेहतर सप्लाई दी जाएगी।
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गर्मी की दस्तक के साथ ही बिजली निगम ने ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की समस्या से निपटने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, असली परीक्षा मई और जून की भीषण गर्मी में होगी। जब कई घर में एक साथ एसी, कूलर और अन्य बिजली उपकरण चलेंगे। उपभोक्ता घोषित लोड से अधिक बिजली का उपयोग करते हैं जिससे समस्या होती है।

औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में सुधार कार्य हो चुका पूरा
धारूहेड़ा डिवीजन में चिह्नित सभी 82 ओवरलोडेड पॉइंट्स को सफलतापूर्वक अपग्रेड कर दिया गया है। बावल क्षेत्र के 13 पॉइंट्स पर भी काम पूरा हो चुका है। रेवाड़ी सिटी-1 और सिटी-2 क्षेत्रों में भी निगम ने कार्य पूर्ण होने का दावा किया है जिससे शहर के उपभोक्ताओं को इस बार गर्मी में राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति अभी भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। कोसली में कुछ ट्रांसफार्मर अपग्रेड होना बाकी है।
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पूरे सिस्टम को मजबूत बनाने पर भी दिया ध्यान
बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस बार केवल ट्रांसफार्मर अपग्रेड ही नहीं बल्कि पूरे सिस्टम को मजबूत बनाने पर भी ध्यान दिया गया है। इसके तहत लाइनों के बंटवारे की रणनीति अपनाई गई है जिसमें एक ही फीडर या ट्रांसफार्मर पर बढ़ते लोड को कम करने के लिए नई लाइनें और फीडर तैयार किए गए हैं। इससे बिजली वितरण अधिक संतुलित होगा और किसी एक स्थान पर अधिक दबाव नहीं पड़ेगा।


इस बार जल्द सुधार होगा संभव
एसई प्रदीप चौहान के अनुसार इस नई व्यवस्था से न केवल ट्रांसफार्मरों की लोड झेलने की क्षमता बढ़ेगी बल्कि किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में सप्लाई बहाल करने में लगने वाला समय भी कम होगा। पहले जहां एक ही फीडर पर ज्यादा उपभोक्ता जुड़े होने के कारण समस्या आने पर पूरे क्षेत्र की बिजली बाधित हो जाती थी वहीं अब छोटे-छोटे फीडर बनने से सीमित क्षेत्र में ही असर रहेगा और जल्दी सुधार संभव होगा।
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