संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को परिणाम आने के बाद एक माह के अंदर अपने चुनाव खर्च का ब्योरा जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होगा।
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार तय समयावधि में चुनावी खर्च का ब्योरा न देने वाले उम्मीदवारों को नियमानुसार चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक मीणा ने बताया कि नियम के अनुसार उम्मीदवार की ओर से नामांकन पत्र भरने के साथ ही चुनावी खर्च की गणना शुरू हो जाती है। उम्मीदवार को अलग से एक रजिस्टर में अपने रोजाना के चुनावी खर्च का हिसाब रखना होता है और अलग से बैंक खाता भी खुलवाना होता है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक खर्च की गणना चलती है। विधानसभा आम चुनाव के परिणाम 8 अक्तूबर को घोषित हुए थे, इसके बाद एक माह के अंदर-अंदर उम्मीदवारों को अपने चुनाव खर्च का ब्योरा देना अनिवार्य है।