संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गाय है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15 नवंबर से 100 दिन का अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत मोबाइल बस यूनिट गांव-गांव जाएगी। बस में ही टीबी, एनसीडी, एएनसी, शुगर, बीपी जांच होगी। एक्स-रे भी होगा और तत्काल रिपोर्ट दी जाएगी।
टीबी के नए मरीजों की तलाश होगी। जिले में इस वर्ष टीबी के मरीज तेजी से बढ़े हैं। इसकी वजह जिले में जांच का दायरा बढ़ना है। जिले में फिलहाल 1400 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें हर दिन नए मरीज जुड़ रहे हैं। जिले में टीबी के मरीजों को अब निक्षय पोषण योजना की राशि 500 की जगह 1000 रुपये दी जाएगी। टीबी के उपचार में पोषण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके चलते टीबी योद्धाओं को बीमारी के खिलाफ उनकी लड़ाई में मजबूत करने के लिए लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है। यह राशि नवंबर से मिलेगी। डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि 1 नवंबर से लेकर अब जो भी नए मरीज आएंगे उनको पोषण योजना के तहत 1 हजार रुपये उनके खाते में दिए जाएंगे।
टीबी के यह हैं लक्षण : दो हफ्ते से ज्यादा लगातार खांसी, खांसी के साथ बलगम आना, कभी-कभी बलगम के साथ खून आना, भूख कम लगना, लगातार वजन कम होना, शाम या रात के वक्त बुखार आना, सर्दी में पसीना आना, सांस उखड़ना या सांस लेते हुए सीने में दर्द होना आदि टीबी के लक्षण हो सकते हैं।
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वर्जन:
अभियान के दौरान टीबी के मरीजों को ढूंढने के साथ ही बीपी, शुगर की जांच होगी। एनसीडी, एएनसी, पोर्टेबल मशीन से एक्स-रे किए जाएंगे और रिपोर्ट दी जाएगी। टीबी की जांच मौके पर ही होगी। 2025 तक टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 15 नवंबर से शुरू किया जाएगा। इसके लिए टीमें गठित की जाएंगी।-डॉ. दीपक वर्मा, जिला नोडल अधिकारी व डिप्टी सिविल सर्जन।