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Rewari News: लंबे रूटों पर दौड़ेंगी बसें, पासिंग प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार

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फोटो: 07रेवाड़ी। रेवाड़ी बस स्टैंड पर खड़ी बसें। संवाद
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रेवाड़ी। रोडवेज रेवाड़ी डिपो के बेड़े में शामिल 10 नई बसों को चंडीगढ़ समेत कई लंबे रूटों पर चलाया जाएगा। जहां से कई बसों को फिर लोकल रूटों पर लाया जाएगा। अभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) से पासिंग की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
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इन बसों का संचालन चंडीगढ़, बीकानेर, झुंझुनू, शिमला, कटरा, अजमेर, जयपुर और आगरा जैसे प्रमुख मागों पर किया जाएगा। चंडीगढ़, शिमला और कटरा जैसे रूटों पर जहां पेशेवर यात्री, छात्र और पर्यटक सफर करेंगे, वहीं अजमेर जैसे धार्मिक स्थलों के रूटों पर तीर्थ यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा सुविधा मिलेगी।
जयपुर, बीकानेर और आगरा के रूटों पर व्यावसायिक और आम दैनिक यात्रियों को भी बेहतर सेवा मिल पाएगी। चंडीगढ़, शिमला और कटरा जैसे रूटों पर जहां पेशेवर यात्री, छात्र और पर्यटक सफर करेंगे, वहीं अजमेर जैसे धार्मिक स्थलों के रूटों पर तीर्थ यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा सुविधा मिलेगी।
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जयपुर, बीकानेर और आगरा के रूटों पर व्यावसायिक और आम दैनिक यात्रियों को भी बेहतर सेवा मिल पाएगी।
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जल्द ही डिपो को 12 और नई बसें मिलने की उम्मीद

लंबी दूरी के रूटों पर नई बसें मिलने से वहां से हटाई जाने वाली पुरानी बसों को फिर रेवाड़ी जिले के ग्रामीण और छोटे लोकल रूटों पर लगाया जाएगा। इससे लंबे और छोटे रूटों पर यात्रियों को सुविधा होगी और लोकल रूटों पर बसों की कमी भी दूर होगी। डिपो के बेड़े में 10 बसों के जुड़ने से कुल संख्या 154 हो गई है। जल्द ही डिपो को 12 और नई बसें मिलने की उम्मीद है जिससे बेड़े को और मजबूती मिलेगी।


सप्ताहभर में पासिंग मिलने की संभावना

रोडवेज के मुताबिक आरटीए पासिंग प्रक्रिया में यह सुनिश्चित करेगा कि नई बसें सड़क पर यात्रियों के परिवहन के लिए सुरक्षित और कानूनी रूप से उपयुक्त हैं। मुख्य रूप से दो पहलुओं की जांच होती है। एक तकनीकी फिटनेस और दूसरा दस्तावेजी अनुपालन। तकनीकी जांच में सभी सुरक्षा फीचर्स जैसे कि ब्रेक, टायर, लाइटें, हॉर्न, इमरजेंसी एग्जिट और गति नियंत्रक (स्पीड गवर्नर) की कार्यक्षमता को परखा जाता है। दस्तावेजी जांच में वाहन के रजिस्ट्रेशन कागजात, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र, चेसिस और इंजन नंबर का मिलान करते हैं। सभी मानकों पर खरी उतरने और कागजात सही पाए जाने पर ही आरटीए द्वारा बस को फिटनेस प्रमाण पत्र या पासिंग जारी की जाती है लेकिन जांच अब दिवाली बाद ही हो पाएगी।

वर्जन:
जैसे ही आरटीए से बसों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र मिल जाएगा उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत रूटों पर शुरू कर दिया जाएगा। इन बसों को प्राथमिकता से लंबी दूरी के रूटों पर लगाकर यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान की जाएगी। -निरंजन शर्मा, रोडवेज जीएम रेवाड़ी।
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