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Rewari News: रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ रूट पर सुबह-शाम भीड़, दोपहर में खाली दौड़ रहीं बसें

Tue, 08 Sep 2026 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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दोपहर एक बजे के चक्कर मे रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ जाने वाली बस की खाली पड़ी सीटें। संवाद
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रेवाड़ी। रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ रूट पर यात्रियों की संख्या और बसों की उपलब्धता के बीच असंतुलन का असर दिखाई देने लगा है। सुबह और शाम के समय बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती, जबकि दोपहर में बसों की सीटें खाली रहती हैं। यात्रियों ने समय सारणी में बसों के चक्कर का समय यात्रियों की वास्तविक जरूरत के अनुसार तय करने की मांग की है।
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इस रूट पर रोडवेज बसों के संचालन को लेकर यात्रियों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ रूट पर दिनभर में करीब 106 समय निर्धारित हैं। इस रूट पर प्रतिदिन औसतन 8 से 10 हजार यात्री आवागमन करते हैं।
सबसे अधिक यात्रीभार सुबह छह से 11 बजे और शाम चार से आठ बजे के बीच रहता है। इस समय में बसों में यात्रियों की भीड़ इतनी अधिक हो जाती है कि यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ता है। बस में चढ़ने के लिए भी यात्रियों को मशक्कत करनी पड़ती है।
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इसके विपरीत दोपहर 12 से तीन बजे के बीच यात्रीभार काफी कम हो जाता है। इस दौरान कई बसों में सीट सवारियां तक पूरी नहीं हो पातीं। यात्रियों का कहना है कि एक ओर पीक आवर में बसों में अत्यधिक भीड़ रहती है, जबकि दूसरी ओर कम यात्रीभार वाले समय में बसों के कई चक्कर संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में बसों के संचालन की समीक्षा कर समय सारणी में बदलाव किया जाना चाहिए।

सुबह-शाम बढ़ें चक्कर, दोपहर में हो कटौती
यात्रियों ने रोडवेज विभाग से मांग की है कि दोपहर के कम यात्रीभार वाले समय के कुछ चक्करों को कम कर उनकी जगह सुबह और शाम के व्यस्त समय में बसों की संख्या बढ़ाई जाए। इससे यात्रियों को राहत मिलने के साथ रोडवेज को भी बेहतर यात्रीभार मिल सकता है। यात्री राजेश, अनिल व शिवम का कहना है कि रूट पर बसों की संख्या बढ़ाने के बजाय उपलब्ध बसों के चक्करों को यात्री मांग के अनुसार समायोजित किया जाए तो समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।

सुबह-शाम विद्यार्थियों और कर्मचारियों की रहती है भीड़
रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ रूट पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी, कर्मचारी, व्यापारी और ग्रामीण रोजाना सफर करते हैं। सुबह के समय लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने की जल्दी रहती है, जबकि शाम को कामकाज और शिक्षण संस्थानों से लौटने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। इसी कारण इन दोनों समयावधियों में बसों पर सबसे अधिक दबाव रहता है। यात्रियों ने रोडवेज अधिकारियों से मांग की है कि रूट की यात्री संख्या का समयवार सर्वे कराया जाए और उसी के आधार पर नई समय सारणी तैयार की जाए। इससे सुबह-शाम यात्रियों को राहत मिलने के साथ दोपहर में कम यात्री भार के कारण होने वाले संचालन खर्च को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

वर्जन:
इस समय रूटों पर सर्वे का काम चल रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद यात्रीभार को ध्यान में रखते हुए रूटों पर जरूरत के अनुसार टाइम व फेरे बढ़ाए, घटाए जाएंगे।-निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक रेवाड़ी डिपो
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