रेवाड़ी। राजकीय कॉलेजों की प्रयोगशालाओं में रिसर्च वर्क सुधारने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से बजट जारी किया गया है। जिले के 10 सरकारी कॉलेजों की 66 प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। इन कॉलेजों की लैब में नए उपकरण प्रदान कराए जाएंगे। इसमें किसी कॉलेज को 1 लाख से ज्यादा तो किसी को 10 हजार की राशि मिली है।
बताया जाता है कि जिन लैब में उपकरण दिए जाएंगे, उनमें बोटनी, जूलोजी, फिजिक्स से लेकर अन्य प्रयोगशालाएं शामिल हैं। इन लैब में कार्य होने से इनमें रिसर्च वर्क भी सुधरेगा। कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को लैब में बेहतर उपकरण मिल पाएंगे। जिले के कॉलेजों को कुल 6 लाख 40 हजार रुपए का बजट मिला है। जिले में नए खुले कॉलेजों गर्ल्स कॉलेज बावल, राजकीय कॉलेज रेवाड़ी व जाटूसाना में बिल्डिंग का अभाव है। ये कॉलेज सरकारी स्कूलों के कमरों में चल रहे हैं। ऐसे में इनमें कमरों की कमी की वजह से लैब भी एडजेस्ट करके या फिर है ही नहीं है। इनमें आया लैब का सामान भी रखा हुआ है। राजकीय कॉलेज रेवाड़ी में लैब का सामान रखा हुआ है।
इन कॉलेजों की लैब को सुधारा जाएगा
राजकीय गर्ल्स कॉलेज रेवाड़ी की 14 लैब बोटनी, फिजिक्स, जूलोजी, केमिस्ट्री, ज्योग्राफी, मैथमेटिक्स, साइकोलॉजी, कॉमर्स, कंप्यूटर साइंस और इंग्लिश लैंग्वेज लैब को सुधारने के लिए 1 लाख 40 हजार रुपये, राजकीय कॉलेज कोसली में 8 लैब सुधरेगी, जिन पर 80 हजार खर्च होंगे। राजकीय कॉलेज बावल की 7 लैब में कार्य होंगे, जिन पर 70 हजार खर्च होंगे, राजकीय कॉलेज रेवाड़ी की 1 ज्योग्राफी लैब में ही कार्य होगा, जिन पर 10 हजार रुपये खर्च होंगे। राजकीय कॉलेज कंवाली की 7 लैब में 70 हजार, राजकीय कॉलेज खरखड़ा की 12 लैब में 1 लाख 20 हजार, राजकीय गर्ल्स कॉलेज गुरावड़ा की 7 लैब में 70 हजार, राजकीय गर्ल्स कॉलेज पाली की 8 लैब में 80 हजार व राजकीय कॉलेज नाहड़ की 1 लैब में 10 हजार खर्च होंगे। गर्ल्स कॉलेज बावल में 1 लैब को संवारा जाएगा। इसके लिए 10 हजार रुपये मिले हैं।
वर्जन
कॉलेज की प्रयोगशाला को दुरुस्त करने के लिए बजट जारी किया गया है। यह बजट इसलिए दिया जाता है ताकि जिन उपकरणों की जरूरत है, उसे खरीदा जा सके। विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। -डॉ. सुधीर यादव, प्रिंसिपल, राजकीय कॉलेज कोसली