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छोटे किसानों से सांठगांठ कर राजस्थान की सरसों लाकर बेच रहे सौदागर, गुप्तचर दे रहे पुलिस की लोकेशन

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बोलनी स्थित बार्डर पर लगाए गए नाके पर तैनात पुलिस जवान वाहन चालकों से पूछताछ करते हुए। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। पुलिस और प्रशासन की सख्ती के बावजूद भी बार्डर से लगते खरीद केंद्रों पर किसानों से सांठगाठ कर सौदागर सीमावर्ती राजस्थान के गांवों से सरसों और गेंहू लाकर बेच रहे हैं। हालांकि पुलिस की ओर से चेकपोस्ट पर काफी सख्ताई बरती जा रही है, लेकिन पुलिस थानों व चौकियों के इर्द-गिर्द तैनात गुप्तचर कथित सौदागरों को मोबाइल के माध्यम से पुलिस की लोकेशन देे रहे हैं। सूचना मिलते ही सरसों से लोड ट्रैक्ट्रर और पिकअप एजेंटों के पास पहुंचा देते हैं। जिससे राजस्थान से सरसों व गेहूं आसानी से जिले में आ जाती है। इससे स्थानीय किसानों को असुविधा हो रही है तथा जिले में इनकी अवैध आवाजाही से कोरोना वायरस से खतरा भी बढ़ गया है।
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बता दें कि कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने बॉर्डर को सील कर बाहर से आने वालों का प्रवेश बंद कर दिया है। ताकि बाहरी लोगों का जिला में प्रवेश को रोका जा सके। पुलिस की ओर से जयसिंहपुर खेड़ा, खंडोडा बार्डर, पावटी बांध और बोलनी गांव, सोहना टी प्वांइट, कापड़ीवास गांव और कुंड सहित अन्य स्थानों पर पुलिस चेक पोस्ट बनाए हैं। इन नाकों पर पुलिस की तैनाती का कारण कोरोना संक्रमण के कारण लोगों का प्रवेश को रोकने के साथ ही राजस्थान के कोटकासिम, मुंडावर, नीमराना, टपूकड़ा, हरसौली आदि क्षेत्रों सरसों व गेंहू की पैदावार को जिला में आने से रोकना भी है। बार्डर पर पुलिस की सख्ताई के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों के सौदागरों ने अपने गुप्तचरों की मदद लेना शुरू कर दिया ताकि पुलिस की लोकेशन बता सके। नाकों से पुलिस कर्मियों के इधर-उधर होते ही राजस्थान से आने वाले फसलों से लदे वाहनों को प्रवेश करा दिया जाता है।
जिससे सौदागरों को मंडी तक पहुंचने में कोई परेशानी नहीं होती। मंडी में उन्हें एजेंटों का सहारा मिल जाता है, क्योंकि टोकन के प्रबंध में कुछ एजेंट अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। जिस कारण पुलिस प्रशासन सौदागरों के जाल में उलझकर रह गया।
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सौदागर सांठगांठ कर 1-2 एकड़ वाले किसान की बिकवा रहे 40 से 80 क्विंटल सरसों
एक किसान को एक टोकन पर 40 क्विंटल सरसों बेच सकता है। एक एकड़ वाला किसान भी 40 क्विंटल सरसों बेच सकता है, जबकि एक एकड़ में 18 सेे 25 क्विंटल सरसों की पैदावार हो रही है। सौदागर ऐसे किसानों से सांठगांठ कर राजस्थान से लाई गई सरसों को आसानी से बेच देते है। इस तरह की ये व्यापारी सांठगांठ कर 1-2 एकड़ जमीन वाले किसानों के नाम पर 40-80 क्विंटल सरसों बेच रहे हैं।
मार्केट कमेटी सचिव सत्यप्रकाश ने कहा कि मंडी के किसान के टोकन पर ही फसल खरीदी जा रही है। भुगतान भी किसान के खाते में जाती है। बॉर्डर से पुलिस की भी सख्ताई है। इसके बावजूद भी ऐसी कोई शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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