संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। कांग्रेस नेता महावीर मसानी ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की हालत ऐसी हो गई है कि यूजीसी ने प्रदेश की 2 सरकारी यूनिवर्सिटी महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी करनाल और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा राई को डिफॉल्टर की सूची में डाल दिया है। इससे पहले प्रदेश सरकार ने खुद नोटिफिकेशन जारी किया था कि सरकार प्रदेश की किसी यूनिवर्सिटी को फंड नहीं देगी। उसे अपने खर्चे खुद निकालने होंगे। यहीं से शिक्षण संस्थानों में बेतहाशा फीस बढ़ोत्तरी का सिलसिला शुरू हुआ। इसे पहले बीजेपी ने कौशल निगम के जरिए कच्ची भर्तियां शुरू करके आरक्षण, मेरिट और पारदर्शिता को खत्म कर दिया है। प्रदेश में 2 लाख से ज्यादा पद खाली पड़े हुए हैं, लेकिन सरकार इसलिए उनपर पक्की भर्तियां नहीं कर रही, क्योंकि पक्की भर्तियों में दलित-पिछड़ों को आरक्षण देना पड़ेगा। लेकिन बीजेपी नहीं चाहती कि इन वर्गों को आरक्षण व नौकरी मिले। इसलिए कांग्रेस इस बार का विधानसभा चुनाव वंचित वर्गों को उनका अधिकार दिलाने और प्रदेश को फिर से देश का नंबर वन राज्य बनाने के मकसद से लड़ेगी।