बिजली विभाग ने शहर के एक उपभोक्ता को अक्तूबर माह में करीब 7.44 लाख रुपये का भेज दिया।
इससे उपभोक्ता हैरान हो गया। इसके बाद जब उसने विभाग के अधिकारियों को बिल के बारे में जानकारी दी तो विभाग ने शिकायत के बाद विभाग ने बिल को संशोधित कर दिया। विभाग के मुताबिक बिजली बिल में यह गलती क्लेरिकल मिस्टेक के चलते हुई थी।
बनवारी लाल ने शिकायत में बताया कि अक्तूबर माह में उनके पास बिल आया तो उसमें 7.44 लाख रुपये के करीब बिल बकाया दिखाया गया था। जबकि उसकी यूनिट 682 कन्ज्यूम दिखाई गई थी।
उसने इसकी जानकारी बिजली विभाग के संबंधित ऑफिस में दी। इसके बाद स्थानीय सब डिवीजन ऑफिस में मौजूद अधिकारी ने बिल चेक किया। रीडिंग क्रॉस चेक करने के बाद पता चला कि क्लेरिकल मिस्टेक के चलते यह गलती हुई है। बाद में विभाग ने बिल सही कर दिया।
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सीएम को भेजा सस्ती बिजली के लिए पत्र-----29
उधर, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली सरकार की तर्ज पर हरियाणा में भी सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए एक पत्र सीएम मनोहर लाल खट्टर को भेजा है।
कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर एडीसी सुल्तान सिंह घोसवाल को ज्ञापन भी सौंपा। आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता और मोहल्ला नई बस्ती, नई आबादी, अजय नगर, बलभद्रसराय की महिला जागरूकता कमेटी ने सीएम से मांग की है। अच्छे दिन लाने का वादा करने पर जनता ने भाजपा को सत्ता सौंपी है। इसलिए लोगों को राहत पहुंचाने के लिए 2.53 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जाए।