संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में वीरवार को मुख्य अतिथि राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने एक हजार विद्यार्थियों को स्नातक व स्नातकोत्तर की उपाधियां दीं। 8 शोधकर्ताओं को पीएचडी की उपाधि दी गई जबकि 97 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिए गए। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों से कहा कि रोजगार लेने की जगह रोजगार देने वाले बनें
विद्यार्थियों व शोधार्थियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि गुरु के बिना ज्ञान नहीं होता है। शिक्षक न केवल हमें पढ़ाते हैं बल्कि जीवन में सही मार्ग पर चलना भी सिखाते हैं।शिक्षक सही और गलत का भेद सिखाते हैं। एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में हमारा मार्गदर्शन करते हैं। एक अच्छा शिक्षक अपने छात्रों में न केवल ज्ञान का बीज बोता है, बल्कि उन्हें जीवन के हर पहलू में सफल बनने के लिए तैयार करता है। इसलिए जीवन में शिक्षा और शिक्षक दोनों का ही महत्व कहीं अधिक है। आज का यह दिन निश्चित रूप से विद्यार्थियों के जीवन का सबसे यादगार पल रहेगा क्योंकि आज उन्हें उनके परिश्रम का फल इन उपाधियों एवं पदकों के रूप में मिल रहा है।
राज्यपाल ने आधुनिक तकनीक से पढ़ते हुए नए शोध कार्य करने पर जोर दिया। कहा विद्यार्थी रोजगार लेने की जगह रोजगार देने वाले बनें। उच्च शिक्षा पाकर, जीवन में सफल होकर अपने माता-पिता एवं गुरुओं का नाम रोशन करें।
महिला छात्रावास का किया उद्घाटन
कार्यक्रम से पहले राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शिखर मंडल की शोभायात्रा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। राज्यपाल ने भगिनी निवेदिता महिला छात्रावास का उद्घाटन व दीक्षांत समारोह की स्मारिका का विमोचन किया। कुलपति प्रो. जेपी यादव और कुलसचिव प्रो. प्रमोद कुमार ने कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय को श्री राधा-कृष्ण प्रतिमा प्रतीक चिह्न और शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। कुलसचिव प्रो. प्रमोद कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। कुलपति प्रो. जेपी यादव ने मंच से विश्वविद्यालय के विकसित कार्यों की रिपोर्ट प्रेषित की।