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Rewari News: ऐतिहासिक रामसरोवर का होगा सुंदरीकरण, टेंडर जारी

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सोनू सैनी
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बावल। नागल रोड स्थित ऐतिहासिक राम सरोवर का कायाकल्प होगा। इस तालाब के सुंदरीकरण और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने 13 लाख 63 हजार रुपये का बजट जारी किया है। इस राशि से तालाब की बाउंड्री का निर्माण होगा। साथ ही अन्य कार्य होंगे।
रामसरोवर का निर्माण 1826 में किया गया था। यह तालाब लोगों की आस्था का केंद्र है। तालाब परिसर के आसपास कई मंदिर हैं। इनमें प्राचीन राधा-कृष्ण का मंदिर भी शामिल है। यहां धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहता है।
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रामसरोवर तालाब के विकास के लिए पूर्व में कई बार बजट जारी किया जा चुका है। रामसरोवर सेवा समिति के सदस्यों ने कुछ समय पहले बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार से तालाब का सुंदरीकरण कराने की मांग की थी।
विधायक ने खुद रामसरोवर का दौरा कर बजट जारी कराने का आश्वासन दिया था। अब सरकार ने तालाब के सुंदरीकरण के लिए 13.63 लाख रुपये का बजट जारी किया है।
लोगों का कहना है कि रामसरोवर केवल धार्मिक स्थल नहीं बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान भी है। एक समय यह तालाब पशुओं के लिए पानी का प्रमुख स्रोत हुआ करता था। नाभा रियासत के समय तत्कालीन राजा हीरा सिंह का भी इस तालाब से विशेष लगाव था और वे यहां भ्रमण के लिए आते थे।
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-संवत 1826 में बना यह तालाब सदियों से लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। यहां स्थित मंदिरों और धार्मिक गतिविधियों के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वर्तमान समय में लोग यहां शांति और सुकून की तलाश में आते हैं।-जगदीश पहलवान।
-नाभा रियासत के राजा हीरा सिंह का इस तालाब से विशेष जुड़ाव रहा है। तालाब को नहर से जोड़कर पानी की स्थायी व्यवस्था की जाए। इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।-महेश दायमा, प्रधान, रामसरोवर सेवा समिति।
-रामसरोवर की पहचान अब धार्मिक के साथ पर्यटन स्थल के रूप में बन रहा है। बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने आते हैं और सुंदरीकरण होने के बाद इसकी लोकप्रियता और बढ़ेगी। आसपास के गांवों से भी लोग यहां पहुंचते हैं।-एडवोकेट गुरुवचन।
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-छठ पूजा के दौरान रामसरोवर पूर्वांचल समाज की पहली पसंद बन चुका है। तीन दिनों तक बड़ी संख्या में महिलाएं यहां व्रत और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचती हैं।यह स्थल अब प्रवासी परिवारों के बीच भी काफी लोकप्रिय हो रहा है।-ईश्वर सिंह।
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