रेवाड़ी। साइबर थाना की ओर से एसआई राहुल व उनकी टीम ने बस स्टैंड पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। साइबर थाना रेवाड़ी से एसआई राहुल व उनकी टीम ने छात्र-छात्राओं व आमजन को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि इस तकनीकी दौर में मनुष्य ज्यादातर मोबाइल फोन, लैपटॉप व कम्प्यूटर आदि पर निर्भर है और यह डिवाइस इंटरनेट से जुडे हुई हैं। इनके माध्यम से मनुष्य का जीवन काफी आसान हो गया है। इनके माध्यम से मनुष्य अपने रोजमर्रा के कार्य जैसे-बैंक से संबंधित कार्य, ऑनलाइन ऑफिस कार्य, नेट बैंकिंग, सोशल मीडिया आदि पर अपना कारोबार आदि कार्य घर बैठे ही बड़ी आसानी से कर लेता है, जिसके कारण व्यक्ति कई बार इंटरनेट पर गलती कर बैठता है। साइबर अपराधी इसी गलती के इंतजार में बैठे रहते हैं। मौका मिलते ही साइबर अपराधी बड़े ही शातिर तरीके से लोगों को मानसिक व आर्थिक तौर पर भारी क्षति पहुंचा देते हैं। उन्होंने बताया कि हमें इंटरनेट पर अपने कार्य करने के दौरान या इंटरनेट का उपयोग करते समय बड़ी सावधानी बरतनी चाहिए।
मजबूत पासवर्ड लगाकर खातों को सुरक्षित रखें
एसआई राहुल ने बताया कि सोशल मीडिया खातों पर एक मजबूत पासवर्ड लगाकर खातों को सुरक्षित रखना चाहिए। सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से संपर्क नहीं करना चाहिए। किसी अंजान लिंक पर क्लिक करके उसे ओपन नहीं करना चाहिए। किसी अनजान नंबर से आने वाली फोन कॉल, वीडियो कॉल का उत्तर नहीं देना चाहिए और न ही किसी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट मंजूर करनी चाहिए। जब कोई व्यक्ति अपने आप को बैंक का अधिकारी या प्रतिनिधि बताकर आपसे आपकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे बैंक खाता नंबर, क्रेडिट व डेबिट कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट, सीवीवी नंबर, ओटीपी, आधार कार्ड नंबर व पैन कार्ड नंबर आदि मांगता है, तो उस व्यक्ति के साथ उक्त जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इस प्रकार हम छोटी-छोटी सावधानियां बरत कर अपने आप को साइबर अपराधियों से बचाकर रख सकते हैं और अपने आप को होने वाली मानसिक व आर्थिक हानि से बचा सकते हैं।
1930 पर दर्ज करवाएं शिकायत
अगर आपके साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो तत्काल अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज करवाएं। इसके अतिरिक्त साइबर अपराध थाना या नजदीक पुलिस स्टेशन में साइबर हेल्प डेस्क पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराकर साइबर अपराध के बारे में सहायता ली जा सकती है।