बास्केटबॉल कोर्ट की मौजूदा दशा। संवाद
रेवाड़ी। शहर के दिल्ली रोड स्थित राव तुलाराम स्टेडियम में दो बास्केटबॉल कोर्ट बने हुए हैं लेकिन लंबे समय से प्रशिक्षक न होने के कारण इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। प्रशिक्षक की अनुपस्थिति से मैदान की हालत भी खराब होती जा रही है। गोल पोस्ट की जालियां गायब हैं और कई जगह से कोर्ट की सतह टूट चुकी है। कोच न होने से खिलाड़ियों की प्रैक्टिस प्रभावित हो रही है और खेल का स्तर भी गिरता जा रहा है।
स्टेडियम में बास्केटबॉल का अभ्यास पहले नियमित रूप से होता था लेकिन पिछले आठ साल से प्रशिक्षक का पद खाली है। अब स्थिति यह है कि कभी-कभार कुछ खिलाड़ी ही मैदान में पहुंचकर अभ्यास करते दिखाई देते हैं। बिना कोच के सही दिशा और तकनीक नहीं मिल पाने से खिलाड़ी निराश हैं। उनका कहना है कि अगर प्रशिक्षक की नियुक्ति हो जाए तो न केवल अभ्यास नियमित हो सकेगा बल्कि जिले के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
खिलाड़ियों ने बताया कि राव तुलाराम स्टेडियम जैसे बड़े मैदान में खेल सुविधाओं की कमी नहीं है लेकिन प्रशिक्षक न होने के कारण यह मैदान अपनी पहचान खो रहा है। रखरखाव के अभाव में मैदान की फर्श जगह-जगह से उखड़ गई है और उपकरणों की मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं है। अगर समय रहते कोच की नियुक्ति नहीं हुई तो आने वाले समय में मैदान पूरी तरह उपयोगहीन हो सकता है।
वर्तमान में जिले में बास्केटबॉल का प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं है। विभाग की ओर से समय-समय पर प्रशिक्षकों की डिमांड भेजी जाती है। अब एक बार फिर से जिन खेलों में कोच नहीं हैं उनके लिए मांग भेजी जाएगी।
-ममता देवी, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी