रेवाड़ी। जिला बार एसोसिएशन में इन दिनों विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। बार एसोसिएशन के छह सदस्यों को वर्तमान प्रधान ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस का कोई जवाब न दिए जाने के कारण पूर्व प्रधान शमशेर यादव, एडवोकेट बाबूलाल खोला, प्रवीण कुमार, प्रवेश हरित, देवेंद्र यादव सहित आकाश यादव एडवोकेट की सदस्यता रद कर दी गई है।
बार के प्रधान एडवोकेट विश्वामित्र यादव ने बताया कि गत 31 जनवरी को हुई मीटिंग के दौरान जब वह कुछ प्रस्तावों पर एसोसिएशन को संबोधित कर रहे थे, तो इस दौरान इन सभी अधिवक्ताओं ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया। माइक छीनने का प्रयास किया। इसकी निंदा करते हुए सभी अधिवक्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसमें 7 दिन के अंदर इन सभी अधिवक्ताओं को जवाब देना था, लेकिन समय पर जवाब न देने के कारण सदस्यता रद कर दी गई है। बताया कि उनको सभी प्रकार से दी जाने वाली सुविधाओं पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद : शमशेर यादव
पूर्व प्रधान शमशेर यादव ने कहा कि प्रधान द्वारा लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। किसी प्रकार की कोई दिक्कत पैदा नहीं की गई।बल्कि हम अपना विरोध जाता रहे थे। इस पर प्रधान ने बिना किसी मीटिंग के फैसला के ही उन्हें शो काज नोटिस जारी किया था। जबकि उनको ऐसा करने का कोई हक नहीं है। इस शो काज नोटिस के खिलाफ भी जिला बार कौंसिल पंजाब एंड हरियाणा ने आदेश 8 फरवरी को ही रोक लगा दिया था, लेकिन जानबूझकर प्रधान ने कार्रवाई की है। वह बार कौंसिल पंजाब एंड हरियाणा में अपनी बात रखेंगे।
अधिवक्ताओं ने की बदसलूकी
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वामित्र यादव ने इस बारे में प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर अपने संबोधन में कहा कि इन अधिवक्ताओं ने बार की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए दोषी मानते हुए निष्कासित किया गया है। उन्होंने बताया कि वह बार एसोसिएशन के पिछले वर्षों के लेखा-जोखा की जांच करने के लिए कमेटी गठित करने के लिए बात अपनी मीटिंग में रख रहे थे। इस दौरान इन अधिवक्ताओं ने उनके साथ बदसलूकी की।