रेवाड़ी। रोडवेज डिपो में निरीक्षकों और उप निरीक्षकों की कमी के चलते बसों में यात्री बिना टिकट के ही यात्रा कर रहे हैं। इससे सरकार को हर महीने राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। रोडवेज डिपो में दो वर्ष से अधिक समय से नए निरीक्षक और उपनिरीक्षक की भर्ती तक नहीं हुई है। जबकि प्रतिमाह निरीक्षक और उपनिरीक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। मौजूदा समय में डिपो में केवल दस निरीक्षक व उपनिरीक्षक ही कार्यरत हैं।
इनमें से भी कुछ निरीक्षक अन्य जगहों पर सेवा दे रहे हैं। इसके कारण बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों की जांच नही हो पा रही है। फिलहाल डिपो में निरीक्षक और उपनिरीक्षक के कुल 50 पद खाली हैं। रोडवेज कर्मचारियों की कमी लंबे समय से झेल रहा है। इस कारण व्यवस्था बनाने में भी कई बार मशक्कत करनी पड़ती है।
डिपो में कार्यरत दो निरीक्षक को जीएम फ्लाइंग में और चार निरीक्षकों को बस बेड़े में लगाया गया है। इसके साथ ही निरीक्षक सीआई व बीआई, एक डीआई का कार्य संभाल रहे हैं। दो वर्ष पहले डेढ़ से दो लाख रुपये प्रतिमाह कमाई होती थी। वर्तमान में यह एक लाख रुपये प्रतिमाह से भी कम हो गई है।
कर्मचारियों की कमी को लेकर मुख्यालय को समय-समय पर अवगत कराया जाता है। फिलहाल डिपो में निरीक्षकों की कमी चल रही है। आने वाले दिनों में निरीक्षक मिलने की उम्मीद है।- देवदत्त, महाप्रबंधक रोडवेज रेवाड़ी