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बाबू बालमुकुंद गुप्त का हिंदी साहित्य और पत्रकारिता में योगदान अविस्मरणीय : प्रो. असीम

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प्रतियोगिता के दौरान एकजुट विद्यार्थी व शिक्षक। स्रोत : विवि
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रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में बाबू बालमुकुंद गुप्त पीठ, हिंदी विभाग और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बाबू बालमुकुंद गुप्त स्मृति समारोह एवं हिंदी दिवस के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। साप्ताहिक प्रतियोगिता श्रृंखला में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि बाबू बालमुकुंद गुप्त का हिंदी साहित्य और पत्रकारिता में योगदान अविस्मरणीय है। उनकी निर्भीक पत्रकारिता और हिंदी के प्रति समर्पण युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में भाषा, संस्कृति और इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
बाबू बालमुकुंद गुप्त पीठ की निदेशक प्रो. रोमिका बत्रा सुखीजा ने बताया कि प्रतियोगिता श्रृंखला में कविता लेखन, कविता पोस्टर, भाषण और निबंध लेखन स्पर्धाएं आयोजित की गईं।
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निबंध लेखन में हिंदी विभाग की वर्षा प्रथम, मनवर सिंह द्वितीय और विधि विभाग की विशाखा तृतीय रही। भाषण प्रतियोगिता में विधि विभाग की राधिका प्रथम, अंग्रेजी विभाग की स्नेहा द्वितीय और भूगोल विभाग की एकता यादव तृतीय रही।
कविता पोस्टर प्रतियोगिता में वर्षा प्रथम, मनोविज्ञान विभाग की मुस्कान द्वितीय और वनस्पति विज्ञान विभाग की निशी तृतीय रही। कविता लेखन में विधि विभाग की अनीता प्रथम, संस्कृत विभाग की निशा द्वितीय और भूगोल विभाग की मिनाक्षी तृतीय रही।
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समापन अवसर पर मानविकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. निखिलेश यादव ने विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
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