बीएससी फाइनल ईयर के मैथ का पेपर शनिवार को परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले ही वट्सएप्प पर वायरल हो गया।
शहर के केएलपी कॉलेज के पांच छात्रों के मोबाइल में हूबहू पेपर देख सीआईडी और शिक्षकों की आंखें चौंधिया गई। आनन-फानन में पुलिस को घटनाक्रम से अवगत कराते हुए मॉडल टाउन थाने में मामला दर्ज कराया गया।
जानकारी मुताबिक पेपर गुड़गांव निवासी एक कॉलेज के छात्र के मोबाइल पर आया था जिसके बाद उसने यह पेपर अपने अन्य साथियों के ग्रुप में चला दिया। हालांकि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, लेकिन देर रात तक मामले की जांच चलती रही। उधर, कॉलेज प्राचार्य का कहना है कि एक दिन पूर्व भी उनके पास कॉलेज के बच्चों के मोबाइल में पेपर होने की शिकायत आई थी, जिसके आधार पर सभी परीक्षा केंद्रों पर बच्चों की कड़ी तलाशी ली गई थी।
कॉलेज से ही पहुंची शिकायत
केएलपी कॉलेज के ही एक छात्र ने पुलिस कंट्रेाल रूम में फोन कर यह बताया था कि कॉलेज में पेपर लीक होने की सुगबुगाहट है। इसके बाद सीआईडी की टीम ने तुरंत कॉलेज में पहुंचकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश कर रहे परीक्षार्थियों के मोबाइल की जांच की। इनमें पांच परीक्षार्थियों के मोबाइल में वट्सएप्प पर हूबहू मैथ का पेपर मिला। सीआईडी इंस्पेक्टर सूरजभान ने कॉलेज प्राचार्य अशोक कुमार एवं मॉडल टाउन थाने को मामले से अवगत कराया।
48 छात्र जुड़े थे ग्रुप से
शनिवार दोपहर ढाई बजे से साढ़े पांच बजे तक बीएससी फाइनल की गणित की परीक्षा थी। पेपर शुरू होने से 45 मिनट पहले गणित का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिस ग्रुप में यह पेपर लीक हुआ उसमें 48 छात्र जुड़े हैं।
सीआईडी से पेपर लीक होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद सेंटर में जाने वाले बच्चों के मोबाइलों की तलाशी ली गई। तलाशी में पांच बच्चों के मोबाइल में वट्सएप्प पर बीएसएसी फाइनल के गणित का पेपर मिला है। यह पेपर परीक्षा में दिए गए प्रश्नपत्र से मेल खाता है। जो गुड़गांव निवासी एक छात्र के माध्यम से अन्य छात्रों के पास गया है। परीक्षा पूरी कराई गई है। यूनिवर्सिटी को भी इससे अवगत करा दिया गया है। पेपर के निरस्त होने का निर्णय पुलिस और यूनिवर्सिटी की इन्क्वायरी के बाद भी हो पाएगा।
-अशोक कुमार, प्राचार्य, केएलपी कॉलेज
केएलपी कॉलेज में सोशल मीडिया ग्रुप पर बीएसएसी फाइनल के गणित के पेपर के लीक होने की सूचना मिली थी। कॉलेज प्राचार्य की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पूरी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
नरेंद्र सिंह, एसएचओ, थाना मॉडल टाउन