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आयुष्मान योजनाः दो कदम चलने को थे मोहताज, जिंदगी को मिले नए पंख

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आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना में भले कुछ लोग तमाम कारणों से शामिल होने से रह गए पर कइयों की जिंदगी व सेहत में गुणात्मक सुधार भी हुआ है। दो कदम चलने में असमर्थ जरूरतमंद मरीजों ने अपने घुटने इस योजना के तहत बदलवाए जबकि आठ मरीजों ने कूल्हे भी बदलवाए। ये सब संभव हुआ आयुष्मान योजना की बदौलत।
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आयुष्मान योजना के तहत जिले के 45 हजार परिवार के लाभार्थी इस योजना में शामिल है। अब तक इस योजना का लाभ 1600 से अधिक लोग ले चुके हैं। इसमें ऐसे अनेक लाभार्थी भी हैं, जिनके लिये ये योजना वरदान से कम नहीं रही। ऐसे ही कुछ केस घुटने व कूल्हे बदलवाने के रहे हैं। योजना के पैनल में शामिल आरबी यादव अस्पताल में अब 13 लोगों के घुटने व 8 के कूल्हे बदलवाए।
मूल रूप से गुरुग्राम निवासी राधेश्याम लंबे समय से शहर में ही रहता है। आर्थिक रुप से बेहद कमजोर है। लंबे समय से कूल्हे व घुटने खराब होने से चल नहीं पा रहा था। लेकिन योजना आने पर उसने आरबी यादव अस्पताल जाकर आप्रेशन करवाया। करीब डेढ़ लाख रुपये के उपचार में उसका एक घुटना व कूल्हा बदला गया। राधेश्याम को इसके लिए एक भी पैसा नहीं देना पड़ा, इसका पूरा खर्च सरकार ने उठाया। इस तरह से शहर के मोहल्ले बैधवाड़ा की कृपा देवी ने भी योजना से अपना घुटना बदलवाया। इकसे बाद ये मरीज आज एक बार फिर से रोजमर्रा के काम खुद से निपटा रहे हैं।
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सपना जो हकीकत बन गया
डॉ. आरबी यादव का कहना है कि घुटने व कूल्हे बदलने में डेढ़ लाख रुपये का खर्च आता है। ऐसे में आर्थिक रुप से कमजोर लोग इस तरह के ऑपरेशन के लिए नहीं आते थे। लेकिन योजना आने के बाद अब तक वे इस तरह के 21 ऑपरेशन कर चुके हैं। डॉ. यादव का कहना है कि आयुष्मान योजना गरीबों के लिए वरदान से कम नहीं है। योजना में पैकेज की कीमत हालांकि कम है, लेकिन लोगों के लिए ठीक मायनों में आयुष्मान ही है।
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