मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में शपथ लेते विद्यार्थी। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के योग विभाग की तरफ से जनरल अवेयरनेस ऑन फीमेल जेंडरसाइड विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में पांचवां लक्ष्य लैंगिक समानता प्राप्त करने के साथ ही महिलाओं और लड़कियों को सशक्त करना है, इसी के अनुरूप यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर चाइल्ड हेल्प फाउंडेशन से बतौर मुख्य वक्ता अधिवक्ता अजीत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युग में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर भारत सरकार, राज्य सरकार, शिक्षण संस्थान तथा विभिन्न सामाजिक संगठन निरंतर कार्यरत हैं। इसके बावजूद भी समाज में कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा जैसी कुरीतियां चिंता का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि हमें न केवल कानूनों का सम्मान करना चाहिए, बल्कि सामाजिक मानसिकता में परिवर्तन लाने की दिशा में भी सजग रहना चाहिए। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे समाज में बदलाव लाने के लिए खुद आगे आएं और इस जागरूकता अभियान को और सशक्त करें। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या का बहिष्कार करने की शपथ ली।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अमनदीप द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जयपाल सिंह राजपूत द्वारा किया गया। डॉ. राजपूत ने इस तरह के जागरूकता अभियान आयोजित कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और योग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मंजू परूथी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग और मार्गदर्शन से आधुनिक जीवन में विद्यार्थियों को आदर्श नागरिक बनने की प्रेरणा मिलती है और उन्हें अपनी सनातन संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने का अवसर मिलता है, जिससे वे सामाजिक बुराईयों को दूर करने में अपनी भूमिका निभा सके।
इस जागरूकता कार्यक्रम में योग शिक्षक अमित कुमार और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से अपनी जिज्ञासाएं मुख्य वक्ता के समक्ष रखीं।