रेवाड़ी। विश्व गैर सरकारी संस्थान (एनजीओ) दिवस पर शहर की एक ऐसी संस्था की बात करेंगे, जिन्होंने सेवा कार्यों की एक नई शुरुआत की है। बाबा फरीद सेवा ट्रस्ट की तरफ से झज्जर रोड निकट गुरुद्वारा के पास ढाई वर्षों से आशियाना वृद्धाश्रम चलाया जा रहा है। मौजूदा समय में वृद्धाश्रम में महिला एवं पुरुषजनों को मिलाकर 17 बुजुर्ग रह रहे हैं।
वृद्धाश्रम के इन बुजुर्गों को प्रभु जी कहा जाता है। इन प्रभु जी की हर तरह की सेवा जैसे रहना, खाना, कपड़े, बिस्तर, दवा, मनोरंजन आदि सभी सुविधाओं का ख्याल संस्था के द्वारा ही रखा जाता है। इस आश्रम में आने के लिए किसी विशेष औपचारिकता की भी आवश्यकता नहीं होती है। आश्रम के आने वाले बुजुर्गों से उनका परिचय लेकर व एक पहचान पत्र लेकर उनको रहने के लिए बेड दे दिया जाता है। तत्पश्चात उनसे उनकी अवस्था एवं पारिवारिक स्थिति के बारे में पूछा जाता है। फिर ये कोशिश की जाती है कि उनके परिजनों को बुलाकर उनसे परामर्श एवं चर्चा करके उनके परिवार से पुनर्मिलन करवाया जा सके। संस्था का मानना है कि इनका असली घर इनके परिजनों के साथ ही है। तत्पश्चात समय-समय पर उनका हाल चाल भी पूछा जाता है। ऐसा देखा गया है कि ज्यादातर मामलों में जेनरेशन गैप ही इसका कारण होता है जिसे परामर्श द्वारा दूर करने की एवं सुलझाने की कोशिश की जाती है। पिछले ढाई वर्षों में 40 से ज्यादा ऐसे मामलों को सुलझाया जा चुका है।
संस्था 8 अक्तूबर 2021 में हुई थी स्थापित
यह संस्था 8 अक्तूबर 2021 में स्थापित एवं रजिस्टर्ड हुई थी। तत्पश्चात एक वर्ष के अंदर ही भवन के दो तलों का निर्माण कर लिया गया व 16 अक्तूबर 2022 को तत्कालीन डीसी अशोक गर्ग के कर कमलों से इस आश्रम का उद्घाटन किया गया था। तब से लेकर यह संस्था वृद्धों की निरंतर सेवा कर रही है। इसके अतिरिक्त यह संस्था रक्तदान व पौधरोपण जैसे अन्य सामाजिक व परोपकारी आयोजनों में भी अग्रणी रहती है। खास बात यह है कि संस्था किसी तरह का सरकारी अनुदान नहीं लेती और पूर्ण रूप से सदस्यों तथा समाज के सहयोग से ही चल रही है।
निस्वार्थ रूप से की जाती है सेवा
संस्था के अध्यक्ष दिनेश राजपाल ने बताया कि उनके 41 अन्य ट्रस्टी पूरी तरह से सेवा में समर्पित हैं। आश्रम के दैनिक कार्यों का संचालन संस्था के सदस्यों एवं उनके परिवारजनों के द्वारा ही किया जाता है। दिनेश के मार्गदर्शन में रहने एवं पूरे दिन के खाने की व्यवस्था सरला व सोनिया पोपली, दवा आदि की व्यवस्था डॉ. राहुल बतरा तथा अमित पोपली द्वारा की जाती है। अन्य व्यवस्थाओं में एडवोकेट महेन्द्र चक्रवर्ती, आदर्श अरोड़ा, राजू दुआ, ललित दुआ, जितेंद्र सपड़ा, रितेश गुलाटी, सीए जतिन सैनी, विनय बत्रा एवं अन्य सदस्यों द्वारा सेवाएं दी जाती हैं।
रक्तदान शिविर और पौधरोपण का कार्यक्रम चलता है निरंतर
सीए जतिन सैनी ने बताया कि संस्था अभी तक 4 रक्तदान शिविर का आयोजन भी कर चुकी है, जिसमें लगभग 320 यूनिट रक्त एकत्रित किया जा चुका है। इससे कई लोगों को जीवन दान मिला है। समय-समय पर किए जाने वाले आयोजनों में अब तक 1000 से अधिक पौधारोपण एवं वितरण भी किया जा चुका है। यह संस्था समाज सेवा के कार्यों को लेकर भविष्य के लिए भी प्रतिबद्ध है तथा इसके लिए निरंतर प्रयासरत है।