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मसानी बैराज पर कलाकारों ने बढ़ाया किसानों का हौसला

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पंजाबी गाने पर थिरकते किसान। संवाद - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। दिल्ली-जयपुर हाईवे के खेड़ा बॉर्डर पर 13 दिसंबर व मसानी बैराज पर चार जनवरी से डटे आंदोलनकारी किसानों का हौसला बढ़ाने के लिए वीरवार को पंजाब के कई नामी गायक पहुंचे। करीब पांच घंटे तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम में कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाबी और हरियाणवीं गीतों के माध्यम से सरकार को चेताने की कोशिश की। पंजाबी गायक कंवर ग्रेवाल को सुनने के लिए आसपास के लोग पहुंचे। अन्य दिनों के मुकाबले मसानी बैराज पर भीड़ ज्यादा नजर आई। इस दौरान पंजाबी कलाकार हाईवे पर किसानों के टेंट में भी घूमते हुए दिखाई दिए। किसानों के बीच पहुंचने वालों में पंजाबी गायक कंवर ग्रेवाल, हर्फ चीमा, गलव वड़ैच और अभिनेत्री सोनिया मान शामिल थीं। शाम के समय इनेलो नेता अभय चौटाला ट्रैक्टरों के काफिले के साथ किसानों के बीच समर्थन देने के लिए पहुंचे। इधर, जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी रहा। यहां भी कई प्रदेश के काफी संख्या में किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए पहुंचे है।
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सुबह से ही तैयारियों में जुटे थे किसान
कार्यक्रम को देखते हुए अन्य दिनों के मुकाबले वीरवार को सुबह जल्दी ही लंगर तैयार हो गया था। सुबह नाश्ता और लंगर चखने के बाद कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हुई। करीब 12 बजे पंजाब के कलाकार धरनास्थल पर पहुंच गए। कलाकारों ने पहले आंदोलनकारी किसानों से बातचीत की। उसके बाद करीब एक बजे कार्यक्रम शुरू हुआ।
एक के बाद एक दी प्रस्तुति
कार्यक्रम की शुरूआत पंजाबी कलाकार गलव वड़ैच ने की। गलव ने चार गीत गाए, जिसमें एक हरियाणवीं गीत भी शामिल था। उसके बाद हर्फ चीमा ने माइक संभाला। करीब एक घंटे तक उन्होंने किसानों को जहां अपने गीतों के जरिए कृषि कानूनों के खिलाफ जागरूक किया वहीं किसानों के संघर्ष से संबंधित गीत सुनाए। इसके बाद कंवर ग्रेवाल पहुंचे और करीब दो घंटे तक एक के बाद एक देशभक्ति गीतों ने किसानों का हौसला बढ़ाया और केंद्र सरकार पर भी हमला बोला।
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किसानों पर अत्याचार नहीं करेंगे सहन
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बैठे किसानों को समर्थन देने के लिए वीरवार को इनेलो के प्रधान महासचिव व ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसान विरोधी होने के बाद भी सरकार द्वारा इनको फायदेमंद बताना बेहद हास्यास्पद है। केंद्र सरकार को तीनों कानूनों को कानूनों को रद्द करना चाहिए। किसानों पर सरकार द्वारा किए अत्याचार को नहीं सहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह प्रदेशभर में गांव-गांव घूमकर लोगों से किसान आंदोलन के लिए जनसमर्थन मांग रहे हैं। देशभर के किसान 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर परेड में हर हाल में शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि कानून ठीक होते तो सरकार दो साल लंबित करने के लिए तैयार नहीं होती।
अर्द्धसैनिक बलों ने भी कार्यक्रम देखने के लिए हटवाया पर्दा
किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए मसानी बैराज फ्लाईओवर पर भारी अर्द्धसैनिक बल तैनात किया गया है। किसानों ने कलाकारों के कार्यक्रम में मिल मंच लगाया हुआ था और पीछे से पर्दा लगाया गया था। जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ तो जवानों ने भी ऊपर से ही कार्यक्रम दिखाने लिए पर्दा हटाने की गुहार लगाई। कलाकारों ने भी जवानों को किसानों की देखभाल करते रहने के लिए कहा। इस दौरान फ्लाईओवर पर एसपी अभिषेक जोरवाल से लेकर अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

धरनास्थल पर किसानों को समर्थन देने पहुंचे इनेलो महासचिव चौ. अभय सिंह चौटाला। संवाद- फोटो : Rewari

किसानों के धरना स्थल पर गाना गाते पंजाबी सिंगर गलव वड़ैच। संवाद- फोटो : Rewari

धरनास्थल पर किसानों के बीच आकर गाना गाते कंवर ग्रेवाल। संवाद- फोटो : Rewari

पंजाबी गायकों के गाने पर ताली बजाते किसान। संवाद- फोटो : Rewari

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