रेवाड़ी। जिले में प्रदूषण का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को प्रदूषण का स्तर 400 को पार कर गया है। 21 अक्तूबर को प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक 412 दर्ज किया गया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि अगले दिन प्रदूषण का स्तर कम होगा। मगर बुधवार को भी यही स्थिति देखने को मिली।
बुधवार को प्रदूषण का स्तर 405 दर्ज किया गया है जो काफी खतरनाक श्रेणी में माना जाता है। एक्यूआई 400 पार होने के बाद ग्रैप 4 तक की पाबंदियां लगाने का प्रावधान है। अभी तक यह पाबंदियां नहीं लगाई गई हैं। मौजूदा समय में ग्रैप 2 की पाबंदियां लागू हैं। एक्यूआई 400 के पार होने पर सबसे ज्यादा डायबिटीज का रिस्क बढ़ता है।
प्रदूषण सांस की बीमारियां जैसे अस्थमा, सीओपीडी और ब्रोंकाइटिस का कारण भी बन रही है। वहीं इससे आंखों की समस्या जैसे पानी आना, आंखों में लालीपन हो सकता है।
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अभी इन बातों का रखना होगा ध्यान
ग्रैप का स्टेज-2 लागू है। कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन (सीएंडडी) स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए निरीक्षण और बढ़ा दिए गए हैं। केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक या बीएस-6 डीजल से चलने वाली अंतर-राज्यीय बसें ही दिल्ली में प्रवेश कर सकेंगी। ढाबों, होटलों और खुले भोजनालयों में कोयला या लकड़ी जलाने पर पहले से ही प्रतिबंध है जिसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। आवश्यक व आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर, डीजल जनरेटर सेटों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा है। बिजली एजेंसियों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
27 अक्तूबर तक ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने 27 अक्तूबर तक मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि इस दौरान दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है जबकि रात का तापमान हल्का घटने के आसार हैं। उत्तर और उत्तर-पश्चिमी दिशाओं से हल्की से मध्यम गति की हवाओं का प्रवाह बना रहेगा। इससे न केवल मौसम में बदलाव आएगा, बल्कि किसानों को अपनी फसल संबंधी गतिविधियों को योजना अनुसार संचालित करने में मदद मिलेगी। विभाग ने अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 से 19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई है।
नगरपालिका धारूहेड़ा एक्शन में
प्रदूषण की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नगरपालिका धारूहेड़ा ने तुरंत एक्शन मोड अपनाया है। नगरपालिका की टीम ने सोहना रोड, दिल्ली रोड, भगत सिंह चौक और मेन बाजार समेत शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर वाटर स्प्रिंकलर मशीनों और टैंकरों के माध्यम से पानी का छिड़काव कराया। नगरपालिका चेयरमैन कंवर सिंह ने स्वयं अभियान का निरीक्षण किया और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी सड़क या गलियों में धूल उड़ती न रहे। नगरपालिका सचिव सुमित कुमार ने बताया कि कस्बे में प्रदूषण का प्रमुख कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कायों से उड़ने वाली धूल और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला प्रदूषण व दीपावली की आतिशबाजी है।
पिछले 5 दिनों का प्रदूषण का स्तर
तारीख प्रदूषण का स्तर
22 अक्तूबर 405
21 अक्तूबर 412
20 अक्तूबर 305
19 अक्तूबर 201
18 अक्तूबर 239