संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। स्वच्छ सांसों के लिए लड़ाई का दौरा जारी है। लोग रोज सुबह उठकर सबसे पहले अखबार खोलकर एक्यूआई का स्तर ही पढ़ रहे हैं। अगर प्रदूषण का स्तर कुछ कम हो जा रहा है तो हे भगवान कहकर खुद को दिलासा दे दे रहे हैं कि चलो हवा कुछ साफ तो हुई। वहीं अगर एक्यूआई बढ़ रहा है तो लोग चिंतित हैं कि ये कब तक चलेगा। हर साल का इस माह में प्रदूषण का का रिपोर्ट कार्ड लगभग अभी जो है उसके आसपास रहता है। बुधवार को भी एक्यूआई 300 को पार कर गया। सोमवार और मंगलवार को भी स्थिति कुछ इसी प्रकार की थी। बुधवार को एक्यूआई 344 दर्ज किया गया है। वहीं, जिस गति से प्रदूषण फिर से बढ़ रहा है और रोजाना एक्यूआई 300 को पार कर रहा है। इससे प्रशासन भी अब काफी परेशान है। प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से पटाखे बेचने पर पाबंदी और फोड़ने पर भी कानूनी कार्रवाई की बात कही गई थी। मगर दिवाली के दिन अंधाधुंध पटाखे फोड़े गए। ऐसे में अगले दिन एक्यूआई 300 को पार कर गया। ऐसा नहीं है कि जिला प्रशासन ने पटाखे बेचने वालों पर नकेल नहीं कसी। दो मामलों में भारी मात्रा में पटाखे भी बरामद किए गए थे। मगर वह कार्रवाई नाकाफी रही। पूरे जिले में दिवाली के दिन खूब आतिशबाजी हुई। दिवाली के अगले दिन भी आतिशबाजी कुछ हद तक देखने को मिली।
पिछले सप्ताह कम हुआ था एक्यूआई
प्रदूषण दोबारा से कब कम होगा इसे लेकर भी हर किसी के मन में सवाल है। इससे पहले प्रदूषण तब कम हुआ था, जब पिछले सप्ताह शुक्रवार को बरसात हुई थी। दो दिन तक एक्यूआई 200 के नीचे दर्ज किया गया था। दिवाली के दिन एक्यूआई 193 था। पटाखों की वजह से रात तक स्थिति बिल्कुल बिगड़ गई।
ठंड ने दी दस्तक
पिछले सप्ताह मौसम बदलने की वजह से ठंड ने दस्तक दे दी है। बरसात के बाद तापमान में गिरावट आई है, जिससे मौसम ठंडा होने लगा है। न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है जो इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है। अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है।
सरसों की फसल को फायदा
कृषि विभाग के अधिकारी संजय ने बताया कि तापमान में गिरावट आने से सरसों की फसल का तेजी से विकास होगा। मौजूदा मौसम सरसों के लिए काफी बेहतर माना जाता है। ऐसे में किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। बरसात के कारण बिजली की मांग में भी कमी दर्ज की गई है।
आने वाले दिनों में ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि पश्चिम विक्षोभ की सक्रियता के चलते इस सप्ताह मौसम में उतार-चढ़ाव दिखाई देगा। मगर मौसम विभाग ने बरसात को लेकर संभावना नहीं जताई है। अगर बीच में बूंदाबांदी होती है तो काफी हद तक प्रदूषण से राहत मिल सकती है। फिलहाल अभी बूंदाबांदी को लेकर भी मौसम विभाग की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई है।
प्रदूषण रोकने के लिए जिले में लागू है धारा 144
गौरतलब है कि सरकार की ओर से एनसीआर में ग्रैप के चौथे चरण की पाबंदियां लागू की हुई हैं। डीसी राहुल हुड्डा ने जिला में कचरा, पत्तियां, प्लास्टिक, रबर और अन्य ज्वलनशील सामग्री सहित अपशिष्ट पदार्थ जलाने पर धारा 144 के तहत कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हुए हैं। आदेशों में कहा गया है कि कचरा, पत्तियां, प्लास्टिक, रबर और अन्य ज्वलनशील सामग्रियों सहित अपशिष्ट पदार्थ जलाने से वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि हो रही है, जिससे पर्यावरण में विषाक्त पदार्थों में बढ़ोतरी हो रही है। जिले के खुले क्षेत्रों, गलियों, बैकयार्ड, औद्योगिक या ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के अपशिष्ट पदार्थों को जलाना सख्त वर्जित है। आदेश का उल्लंघन करते पाए जाने वाले व्यक्तियों, समूहों या संस्थाओं को कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार दंडित किया जाएगा।
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प्रदूषण की हर दिन की ये है स्थिति
दिन एक्यूआई
बुधवार 344
मंगलवार 379
सोमवार 343
रविवार 228
शनिवार 160
शुक्रवार 193
वीरवार 359
प्रदूषण को कम करने के लिए सभी लोगों को एक साथ आना पड़ेगा। नियमों का पालन करना जरूरी है। तभी एक्यूआई में सुधार होगा।
हरीश, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड