रेवाड़ी।। शहर में प्रदूषण का ग्राफ अभी सामान्य स्थिति में नहीं लौटा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) तेजी से पढ़ता जा रहा है। इससे जिले की हवा जहरीली बनी हुई है। शनिवार को एक्यूआई 403 दर्ज किया गया, जो हवा को अधिक खराब होने की पुष्टि करता है। इसके साथ ही शहर में दमा के मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक्यूआई का स्तर 200 पार जाने के साथ ही शहर में प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया था। यह आंकड़ा अब 400 को भी पार कर गया और प्रदूषण की स्थिति खराब से ज्यादा खराब हो गई। बुजुर्गों और दमा के मरीजों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक एक्यूआई शून्य से 50 तक हो तो हवा को शुद्ध माना जाता है। 51 से सौ तक एक्यूआई होने का मतलब वायु में हल्का (सामान्य) प्रदूषण है। इसके बाद 101 से 150 तक तक वायु प्रदूषण को संवेदनशील, 151 से दो सौ तक मध्यम प्रदूषित, 201 से तीन सौ तक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, 301 से पांच सौ तक अत्यधिक प्रदूषित माना जाता है। एक्यूआई स्तर तीन सौ के पार पहुंचने पर हवा को जहरीला माना जाता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- लंबी अवधि के लिए बाहर रहने से बचें।
- घर पर व्यायाम और योग करें और बाहरी प्रदूषण से बचें।
- अगर आंखों में जलन होती है तो पानी से उन्हें अच्छी तरह धो लें। कोई राहत न मिले तो चिकित्सक को दिखाएं।
- घर से निकलने के समय अच्छी गुणवत्ता का चश्मा और मास्क पहनें।
स्मॉग से आंखों में बढ़ी जलन
सिविल अस्पताल में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कंचन यादव ने बताया कि प्रतिदिन अस्पताल की ओपीडी 100 से ज्यादा की होती है, लेकिन कुछ दिनों से ओपीडी में ऐसे 20 प्रतिशत मरीज आंखों में जलन, लालिमा व खुजली की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
6 के बाद बूंदाबांदी संभव, हवा साफ होगी
4 नवंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में प्रवेश करेगा, जिसकी वजह से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में भारी मात्रा में हिमपात होने की गतिविधियां देखने को मिलेगी। इसकी वजह से राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवातीय सर्कुलेशन बनने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 6 से 8 नवंबर को मौसम में बदलाव होने की गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा। संपूर्ण इलाके में आंशिक बादलवाही और कुछ स्थानों पर इस दौरान तेज गति से हवाएं चलने हल्की बारिश की संभावना बन रही है।
-डॉ. धर्मबीर यादव, मौसम वैज्ञानिक