जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते कुलपति। स्रोत: आईजीयू
रेवाड़ी। आईजीयू मीरपुर में सोमवार को नशा मुक्त विकसित भारत अभियान के तहत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट और होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट विभाग ने यूथ रेडक्रॉस (वाईआरसी) के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान नशे के खिलाफ जागरूकता रैली निकाली गई। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ और सबसे बड़ी ताकत हैं। समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण तभी संभव है, जब युवा अपनी ऊर्जा का उपयोग सही दिशा में करें।
उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ पूरे परिवार और समाज के भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और ज्ञान, नवाचार तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
साथ ही युवाओं को समाज में नशा मुक्ति के दूत बनकर जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद कुलपति ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया। रैली में दोनों विभागों के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां लेकर प्रतिभागियों ने ‘नशे को कहें ना’ के नारे लगाए। रैली के बाद विश्वविद्यालय के आरटीआर ब्लॉक में विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से नशे की लत के कारण स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन और सामाजिक प्रतिष्ठा पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को दर्शाया गया।
इस अवसर पर नशा मुक्त भारत अभियान के निदेशक डॉ. बीरेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।