संवाद न्यूज एजेंसी
डहीना। जैनाबाद गांव में वीरवार की रात 2 बजे घर में घुस कर सीआरपीएफ के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर निहाल सिंह (65) की धारदार हथियार से गला काट कर की गई हत्या में किसी परिचित का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। वारदात के बाद आरोपी घर के पीछे प्लॉट में खुलने वाले रास्ते से भाग निकले। इस रास्ते के बारे में बाहरी लोगों को जानकारी नहीं हो सकती।
निहाल सिंह के भाई रामचंद्र ने सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम देने की आशंका जताई है। उन्होंने बताया कि जब हमलावरों ने निहाल सिंह पर वार किया तो वह जोर से चिल्लाए थे। उनकी चीख सुनकर भतीजा अमित बैठक की तरफ भागा तो बदमाश घर के दरवाजे से उसे रास्ते से भाग निकले जो घर के पीछे एक खाली प्लॉट में खुलता है।
घर के पीछे खाली प्लॉट में खुलने वाले रास्ते की जानकारी किसी नए आदमी को नहीं हो सकती है। ऐसे में संदेह है कि वारदात को अंजाम देने वालों में जरूर कोई परिचित हैं। इस घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है। उन्होंने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
हमले के बाद निहाल सिंह की चींछ सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचते, इससे पहले हमलावर दीवार फांदकर भाग गए थे। सीसीटीवी फुटेज में दोनों संदिग्ध बदमाश जाते हुए नजर आ रहे हैं। इनमें से एक के हाथ में हथियार है।
वारदात से पहले हमलावरों में एक ने गांव में स्थित मंदिर में मत्था टेका था। हालांकि, उस समय तक संदिग्घों ने चेहरे नहीं ढके थे। परिवार ने दोनों संदिग्धों की अभी पहचान नहीं की है।
निहाल सिंह की पत्नी सोना ने पुलिस को बताया है कि हत्या करने आए बदमाशों ने चेहरे पर नकाब पहन रखा था। दोनों एक बाइक पर आए थे। वारदात के बाद दोनों भाग गए थे। बाहर अंधेरा होने के कारण बाइक का नंबर नहीं देख पाए।
पुलिस ने गांव में लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगाले हैं। निहाल सिंह के परिजनों ने पुलिस को एक फुटेज दी है, जिसमें संदिग्ध आरोपी घर की ओर आते हुए दिख रहे हैं। पुलिस निहाल की हत्या के कारणों का पता लगा रही है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 3 टीमें गठित की हैं। निहाल सिंह के बेटे अमित की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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मार्च 2018 में एसआई सीआरपीएफ के पद से हुए थे रिटायर
निहाल सिंह सात साल पहले मार्च 2018 में सीआरपीएफ के एसआई पद से रिटायर हुए थे। इसके बाद 2019 में इन्हें लकवा हो गया था। उसके बाद से वह कम बोलते थे। इनके दो भाई हैं। वे दोनों आर्मी में रहे हैं। बड़े भाई आर्मी से रिटायर हैं, जबकि छोटे भाई बीएसएफ से रिटायर हैं। तीनों भाइयों के पास गांव के बस स्टैंड पर 5-5 दुकानें खुद की हैं, जो किराये पर दी हुई हैं। घटना को लेकर मृतक के भाई रामचंद्र ने बताया कि जिस प्रकार से घटना को अंजाम दिया गया है, उससे लग रहा है कि बदमाशों को घर के बारे में पूरी जानकारी पहले से थी। परिवार ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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गांव में मसीत में भी रात हुई थी महिला की हत्या
गांव मसीत में 18 जुलाई की रात में सुनीता की हत्या के मामले में अभी तक आरोपी नहीं पकड़े गए हैं। पुलिस इस मामले की गुत्थी सुलझा भी नहीं पाई है कि अब हत्या का दूसरा सामने आ गया है। गांव मसीत में आरोपियों को पकड़ने को लेकर पंचायत भी हो गई है। पंचायत में एक 25 सदस्यों की समिति बनाई गई है। ग्रामीणों पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है।