मनेठी में ही एम्स निर्माण की मांग पर अड़ी एम्स संघर्ष समिति की अगुवाई में रविवार को महापंचायत होगी। जिसमें बेमियादी धरना और जनप्रतिनिधियों के बहिष्कार का निर्णय लिया जा सकता है। महापंचायत के बाद जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारी दी जाएगी। जिसमें रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी व राजस्थान के अलवर जिले के करीब 15 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। उधर, पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम कर लिए है।
गांव मनेठी में प्रदेश के पहले एम्स के निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा इसी वर्ष अंतरिम बजट में केंद्र सरकार द्वारा घोषणा की गई थी। इसके निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थी, लेकिन एफएसी द्वारा निर्माण में लगाई गई आपत्ति के बाद एम्स के निर्माण में अड़चन पैदा हो गई। हालांकि एम्स के निर्माण को लेकर लोगों में काफी उत्साह था, लेकिन एफएसी के ऐतराजों के बाद लोगों में रोष पनप गया। इसी दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री द्वारा दिए गए बयान के बाद एम्स को लेकर राजनीति की दौर शुरू हो गया। एम्स संघर्ष समिति ने पंचायत कर चार अगस्त को महापंचायत के बाद जेल भरो आंदोलन का निर्णय लिया। सुबह करीब दस बजे कुंड बस स्टैंड पर महापंचायत शुरू कर दी जाएगी।
महापंचायत में रेवाड़ी के अलावा महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी व अलवर जिलों से करीब पंद्रह हजार से ज्यादा ग्रामीणों के आने की संभावना है। समिति द्वारा महापंचायत एवं जेल भरो आंदोलन के लिए गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क कर आंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया था। इसके साथ ही एम्स के निर्माण में अड़चन आने से ग्रामीणों में रोष भी भरा हुआ है।
संभावना जताई जा रही है कि महापंचायत में एम्स के निर्माण की मांग को पूरा कराने के लिए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किए जाने का निर्णय लिया जा सकता है। इसके साथ ही एम्स निर्माण में लोगों को गुमराह करने वाले जनप्रतिनिधियों को बहिष्कार करने का निर्णय लिया जा सकता है। समिति में इस बात को लेकर रोष है कि एम्स के निर्माण का श्रेय व्यक्ति विशेष का दिया जाना गलत निर्णय था। जबकि श्रेय लेने वाले लोग ही अब ग्रामीणों के इस आंदोलन से दूरी बनाए हुए है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों ने की समिति से बातचीत
महापंचायत व जेल भरो आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए गए है। लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए पुलिस डीएसपी अनिल कुमार द्वारा समिति प्रधान से बातचीत की गई। आंदोलन शांतिपूर्वक किए जाने का आह्वान किया। यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।
इसके अलावा एम्स संघर्ष समिति व प्रशासन समिति के बीच करीब आधा घंटा बातचीत हुई, जिसमें आपत्तियों को दूर करके रिवाइज कर प्रशासन पुन: रिपोर्ट भेजें जाने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में एडीसी प्रदीप दहिया,एसडीएम रेवाडी रविन्द्र यादव के अलावा एम्स संघर्ष समिति के सदस्यों में सरपंच श्योताज, ओमप्रकाश, सैन, कैलाश यादव, कर्नल राजेन्द्र सिंह, कामरेड राजेन्द्र भूपसिंह आर्य, रोहताश, रामकुमार, धर्मबीर बल्डोदिया, पंकज माजरा व नरेन्द्र सिंह मौजूद रहे। एडीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि प्रयास है कि एम्स मनेठी में ही बने यह हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए जो भी कागजात मांगे जा रहे है उन्हें प्रस्तुत करे। 10 अगस्त से पहले संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ पुन: बैठक की जाएगी। बता दें कि डीसी द्वारा गठित कमेटी के अध्यक्ष एडीसी प्रदीप दहिया तथा एसडीएम रेवाड़ी रविन्द्र यादव, जिला वन अधिकारी सुंदरलाल, डीडीपीओ डॉ.एसी कौशिक व डीटीपी मनीष को इस कमेटी का सदस्य बनाया गया है