मनेठी में प्रस्तावित एम्स निर्माण के शिलान्यास की मांग को लेकर रविवार को सुबह 10 बजे महापंचायत के बाद जेल भरो आंदोलन का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को एम्स संघर्ष समिति की ओर से गांव-गांव जाकर लोगों को महा पंचायत में पहुंचने का न्योता दिया गया।
वन सलाहकार समिति की ओर से अरावली की अड़चन लगाकर मनेठी में एम्स निर्माण की नामंजूरी के बाद रेवाड़ी से लेकर चंडीगढ़ व दिल्ली तक घमासान मचा हुआ है। शिलान्यास नहीं होने की स्थिति में ग्रामीणों ने चार अगस्त को महापंचायत के बाद जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी हुई है। इसको लेकर ग्रामीण गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, अलवर, नारनौल के साथ अन्य जिलों में भी महापंचायत के लिए लोगों को पहुचंने की अपील कर रहे हैं। उम्मीद है कि चार अगस्त की महापंचायत के बाद हजारों की संख्या में लोग गिरफ्तारी दे सकते हैं।
अनिश्चितकालीन धनने की हो सकती है घोषणा
सुबह मनेठी बस स्टैंड के पास आयोजित महापंचायत में ग्रामीण ही नहीं विपक्षी नेताओं के पहुंचने की उम्मीद है। महापंचायत के दौरान आगामी रणनीति पर फैसला लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि महापंचायत में एक बार फिर से एम्स संघर्ष समिति अनिश्चितकालीन धरने के लिए फैसला ले सकती है। इसके अलावा राजनीतिक रुप से कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना है। इधर पूर्व अर्ध सैनिक बलों की कल्याण संगठन की ओर से भी सभा कर आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की
गई है। संगठन के प्रेस सचिव ने कहा कि बैठक में दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी के पूर्व अर्ध सैनिक बलों ने भाग लिया। इसमें सभी ने सहमति जताते आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की।
संभावना को तलाशने की हर संभव कोशिश: डीसी
डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन मनेठी एम्स निर्माण की सभी संभावना को तलाशने के लिए काम कर रहा है। हर हाल में पहली प्राथमिकता मनेठी एम्स है। इसके लिए आरावली प्लांटेशन का मूल तलाशने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कागजात एकत्रित कर वन विभाग के अधिकारियों को इस पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद है कि कोई हल जरूर निकलकर आएगा।