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एनसीजेड रिपोर्ट मनेठी एम्स निर्माण के लिए हो सकती है आशा की किरण

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एम्स निर्माण को लेकर जेल भरो आंदोलन के लिए लोगो से मिलते एम्स संघर्ष समिति के सदस्य - फोटो : Rewari
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प्राकृति रिजर्व क्षेत्र, एनसीजेड की रिपोर्ट मनेठी एम्स निर्माण में आशा की नई किरण हो सकती है। ऐसे में तीन दिन बाद जिला योजनाकार (डीटीपी) की ओर से एडीसी को सौंपे जाने वाली रिपोर्ट पर एम्स निर्माण संभावनाओं को तेज कर सकती है।
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वन सलाहकार कमेटी की ओर से मनेठी में प्रस्तावित एम्स निर्माण स्थल को आरक्षित वन क्षेत्र बताकर नामंजूर कर दिया गया था। इसके बाद से मनेठी में एम्स निर्माण की संभावनाओं पर काफी हद तक विराम लग गया था। क्योंकि यदि ऐसा हुआ तो सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित हाई एंपावरड कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही निर्माण किया जा सकता है। नामंजूरी के बाद ग्रामीणों को बढ़ते रोष को देखते हुए डीसी ने एडीसी की अध्यक्षता में डीएफओ, डीटीपी व तीन अन्य विभागों के अधिकारियों की एक कमेटी का गठन किया गया था। इसमें डीटीपी की ओर से एनसीजेड रिपोर्ट दी जानी है। क्योंकि ये कार्य पहले से ही एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की ओर से डीटीपी को दिया हुआ है। ऐसे में यदि रिपोर्ट निर्माण के पक्ष में आती है तो यह एक आशा कि किरण हो सकती है। क्योंकि बाकी अन्य विभागों की रिपोर्ट के बाद ही फाइन रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
ग्राउंड वाटर रिचार्ज करने वाले प्वाइंट को एनसीजेड में किया जाता है शामिल
डीटीपी मनीष यादव ने बताया कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से एनसीआर में पड़ने वाले जिलों में जिला योजनाकार विभाग को एनसीजेड सर्वे का काम दिया हुआ है। इसके लिए सर्वे चल रहा है। क्योंकि मनेठी पर रिपोर्ट दी जानी है तो इसको भी शामिल किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे क्षेत्र जो ग्राउंड वाटर रिचार्ज करने के काम में आते हैं, उन्हें नेचूरल कर्जेंवेशन जोन में शामिल किया जाता है। क्योंकि सर्वे का भी यही मकसद है कि ऐसे स्थानों का चिन्हित कर निर्माण पर रोक लगाई जा सके।
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आज डीएफओ के साथ होगी एम्स संघर्ष समिति की बैठक
एम्स संर्घर्ष समिति के कोषाध्यक्ष आजाद नांदा ने कहा कि वन विभाग की ओर से मनेठी की पूरी जमीन को आरक्षित वन क्षेत्र में दिखाया हुआ है। जबकि पंचायत की ओर से महज एक तिहाई जमीन का प्रस्ताव ही दिया गया है। समिति के प्रधान श्योताज सरपंच ने कहा कि उनकी ओर से वन विभाग पूरी जमीन 412 हेक्टेयर है। प्रस्ताव महज 300 एकड का किया गया है। ऐसे में पूरी जमीन का प्रस्ताव को वन आरक्षित क्षेत्र मानना गलत है। सोमवार को डीएफओ की ओर से बैठक बुलाई गई है। इसमें समिति की ओर से अपने तथ्य रखे जाएंगे।
पीएम और सीएम पर पूरा विश्वास
चार अगस्त को जेल भरो आंदोलन के लिए जन संपर्क कर रहे एम्स संघर्ष समिति के प्रधान श्योताज सिंह ने कहा कि चार अगस्त को एम्स के लिए बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। गुरुग्राम से लेकर नांगल चौधरी तक के लोग इस आंदोलन में शमिल होंगे। उन्होंने कहा कि पीएम व सीएम पर पूरा विश्वास है। उम्मीद है हल जरुर निकलेगा।
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