रेवाड़ी। एम्स संघर्ष समिति का धरना मनेठी में 62वें दिन भी श्योताज सिंह की अध्यक्षता में जारी रहा। सभी वक्ताओं ने इस बात पर एतराज जताया कि इस जनता पिछले 5 साल से संघर्ष कर रही है, लेकिन न तो यहां के जनप्रतिनिधियों को और न ही सरकार को जनता की सुध लेने का समय है। आए दिन यहां के जनप्रतिनिधि मीडिया में बयान जारी कर देते हैं कि एम्स का शिलान्यास जल्दी ही होगा, लेकिन कोई भी शिलान्यास की तारीख नहीं बता रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि यहां के जनप्रतिनिधि ये कह रहे हैं कि चहारदीवारी का का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि इसका कार्य केवल 10 प्रतिशत ही हुआ है। इसलिए जनता को सच्चाई बताई जाए। माजरा एम्स का शिलान्यास करवाने और निर्माण कार्य करवाने की ओर ठोस कदम उठाए जाए।
उन्होंने कहा कि जनता को बरगलाने का कार्य किया जा रहा है। जनता को बरगलाने का कार्य करने की बजाय धरातल पर काम करवाएं तो अच्छा रहेगा। सभी वक्ताओं ने 17 दिसंबर को होने वाली महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने को कहा है। समिति द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि 5 दिसंबर से समिति सदस्य गांव गांव जाकर लोगों को अपनी बात से अवगत करवाएंगे और उनको महापंचायत में आने के लिए अपील की जाएगी।
वक्ताओं ने कहा कि पहले भी सरकार ने मनेठी की जमीन जो अरावली में नहीं थी उसको जानबूझ कर अरावली दिखाया गया और इस यहां के लोगों के साथ बहुत बड़ा षड्यंत्र किया गया। उसके बाद जब माजरा के किसानों ने अपनी कीमती जमीन सरकार द्वारा मांगे गए रेट पर दे दी है, तब भी माजरा एम्स का शिलान्यास करके निमार्ण कार्य शुरू नही किया जा रहा है। इस दौरान राजेन्द्र सिंह, डाॅ. एचडी यादव, मूल चंद आर्य, मास्टर लक्ष्मण सिंह, मास्टर दयाराम, हेडमास्टर जितेंद्र कुमार शर्मा सेवानिवृत, सूबेदार दिलबाग सिंह, सतप्रकाश गोयल, रामकुमार निमोठ जगदीश शर्मा पाड़ला, बी डी यादव, अमर सिंह राजपुरा, मास्टर दयानंद आदि मौजदू रहे।