विद्यार्थियों को जागरूकता कार्यक्रम जानकारी देते एसएमओ डॉ. जयपाल। स्रोत : कॉलेज
कोसली। एड्स भय नहीं, जागरूकता का विषय है। समय पर जांच, सुरक्षित व्यवहार और सही जानकारी से इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। यह जानकारी एसएमओ डॉ. जयपाल ने दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीमारी से अधिक घातक इसके बारे में फैली भ्रांतियां और सामाजिक कलंक हैं, जिन्हें खत्म करना अत्यंत आवश्यक है।
वे सोमवार को राजकीय महाविद्यालय कोसली में एड्स दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से बतौर मुख्य वक्ता पहुंचे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को एचआईवी संबंधी वैज्ञानिक, तथ्यात्मक और उपयोगी जानकारी प्रदान की। कहा कि एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति को सहानुभूति, सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए, न कि भेदभाव।
उन्होंने एआरटी थेरेपी, उपचार की उपलब्धता और हेल्थ सेंटर में दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।रेडक्रॉस अधिकारी डॉ. मोनिया ने युवाओं को सही एवं वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी देने पर जोर देते हुए कहा कि जागरूकता ही एड्स मुक्त समाज बनाने की दिशा में सबसे प्रभावी कदम है।