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आधे-अधूरे इंतजाम के साथ शुरू हुई बाजरा की खरीद

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जिले की रेवाड़ी, बावल व कोसली की अनाज मंडियों में आधे-अधूरे इंतजाम के साथ मंगलवार से बाजरे की खरीद शुरू कर दी गई। बावल में बारदाना के अभाव में दोपहर तक खरीद नहीं होने पर किसानों ने रोष प्रदर्शन किया। शाम करीब चार बजे आढ़तियों से बारदाना उधार लेने के बाद किसानों का बाजरा खरीदा गया। जिले की तीनों मंडियों में 5764 क्विंटल बाजरा खरीदा गया। पहले दिन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बाजरा खरीदा। उधर, मंडी अधिकारियों ने बुधवार दोपहर तक बारदाना पहुंच का दावा किया है।
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प्रदेशभर की अनाज मंडियों में एक अक्तूबर से बाजरे की खरीद शुरू की गई। इसके लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण किया गया। जिले में 30 हजार दो सौ 90 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। मंगलवार को सुबह से ही किसानों ने मंडियों में अपनी फसल को लाना शुरू कर दिया था। लेकिन बावल में आधे-अधूरे इंतजामों के साथ शुरू कर गई बाजरे की खरीद से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कालड़ावास, हरचंदपुर, साबन व भैरामपुर भड़ंगी गांवों के करीब पांच दर्जन किसान मंगलवार सुबह से ही मंडी पहुंचने शुरू हो गए थे। लेकिन मंडी में बारदान नहीं पहुंच पाने के कारण किसानों का बाजरा नहीं खरीदा गया। दोपहर तक बाजरा नहीं खरीदे जाने के कारण किसानों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। किसानों के बढ़ते विरोध के बाद मंडी प्रबंधन द्वारा स्थानीय आढ़तियों व किसानों से बारदाना लेकर बाजरे की खरीद शुरू की गई। जिले की रेवाड़ी मंडी में 514 क्विंटल, बावल में 1050 व कोसली की मंडी में 42 सौ क्विंटल बाजरा खरीदा गया।
किराए के ट्रैक्टर में लाए थे बाजरा: दलीप सिंह
हरचंदपुर निवासी किसान दलीप सिंह ने बताया कि वह 1500 रुपये किराए पर ट्रैक्टर करके लाए थे। सुबह छह बजे से इंतजार कर रह हैं। मार्केट कमेटी एवं खरीद ऐजेंसियों द्वारा बाजरा नहीं खरीदे जाने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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खरीद नहीं हुई तो देना पड़ेगा अतिरिक्त किराया: अतर सिंह
साबन से आए किसान अतर सिंह ने बताया वे 1200 रुपये में किराए का वाहन करके बाजरा लेकर मंडी आए। यदि आज फसल नहीं बिकी तो दूसरे दिन का भी किराया देना होगा।
सुबह से परशानी झेल रहे है : दिवान सिंह
किसान दिवान सिंह ने कहा कि सुबह से बाजरा बेचने के लिए मंडी में पड़े हैं, लेकिन खरीद नहीं होने से परेशान हो रहे हैं। इसके अलावा पेयजल आदि के लिए भी परेशान हैं।
बारदाना नहीं था तो क्यों बुलाए किसान : संतराम
साबन निवासी संतराम ने कहा कि बारदाना नहीं होने से खरीद नहीं की गई। जब बारदाना ही नहीं था तो किसानों को टोकन क्यों दिए गए। यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। किसानों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है।
मंगलवार को पहले दिन बारदाना के अभाव में बाजरे की खरीद समय पर नहीं हो पाई। बाद में आढ़तियों से उधार लेकर बाजरा खरीदा गया। बुधवार को दोपहर तक वारदाना उपलब्ध हो जाएगा।
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-सुनील शर्मा, बावल मंडी इंचार्ज
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