संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। इस सीजन में डेंगू के दो मामले मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। मलेरिया और डेंगू से पीड़ित मरीजों की पहचान के लिए रैपिड फीवर मास सर्वे शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों और शहर की कॉलोनियों में बुखार से पीड़ित लोगों के रक्त की स्लाइड तैयार कर रहे हैं।
रैपिड फीवर सर्वे के दौरान पिछले वर्ष डेंगू से प्रभावित रहे इलाकों पर अधिक फोकस किया जा रहा है। गत वर्ष डेंगू के सबसे ज्यादा केस रेवाड़ी शहर में मिले थे। जो इलाके पिछले वर्ष प्रभावित रहे हैं, उन इलाकों में लोगों को डेंगू फीवर के प्रति जागरूक भी किया जा रहा। बुखार पीड़ितों की स्लाइड भी तैयार होगी। इस बार समय से पहले ही मच्छरदानी भी बांटी गई है। जिले की हर सीएचसी को 50-50 मच्छरदानियां दी गई हैं। जिले में डेंगू के दो केस मिले हैं, जिनमें एक नैनसुखपुरा व यादव नगर में मिला है। यहां पर अभी किसी प्रकार की फोगिंग नहीं हुई है। इस बार मार्च में ही मामले आ गए हैं, जबकि पिछले वर्ष अप्रैल को पहला केस आया था।
निजी अस्पताल व लैब में टेस्ट के लिए रेट निर्धारित
विभाग की टीम फीवर मास सर्वे के दौरान बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर नजर रखने के अलावा उस एरिया की फैक्ट्री, इंट-भट्ठे, झुग्गी-झोपड़ी व अन्य क्षेत्रों में पहुंचकर रक्त की स्लाइड बनाएगी। अगर कोई संदिग्ध लक्षण वाले मिलेंगे, उनको कंफर्म करने के लिए सिविल अस्पताल में भी भेजेंगे। सिविल अस्पताल में एलाइजा टेस्ट शुरू हो गई है। निजी अस्पताल व लैब में टेस्ट के लिए रेट भी निर्धारित है। पीएचसी में सैंपलिंग नहीं होती है। वहां से सिर्फ सैंपल लिए जाएंगे और जांच सिविल अस्पताल में होगी।
घर के आसपास जमा नहीं होने दें गंदा पानी
चिकित्सकों का कहना है कि सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाएं। घर में पानी के बर्तनों, कूलर, फूलदान, हौदी को खाली करें और सुखाकर ही पानी भरें। पानी के बर्तनों व टंकियों को पूरी तरह ढक कर रखें। छत पर पड़े मटके, टायर, बोतल तथा अन्य बर्तनों को हटा दें, ताकि बारिश का पानी जमा जमा न हो सके।
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वर्जन
सिविल अस्पताल में एलाइजा टेस्ट की व्यवस्था शुरू हो गई है। डेंगू से बचने के लिए पानी के बर्तनों व टंकियों को पूरी तरह ढक कर रखें। सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाएं।-डॉ. अमित यादव, डिप्टी सिविल सर्जन व जिला मलेरिया नोडल अधिकारी, सिविल अस्पताल।