फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोलह शृंगार कर सुहागिनों ने चंद्रदेव से सुहाग के दीर्घायु का मांगा वर

विज्ञापन
करवाचौथ पर छलनी से चंद्रदेव का दर्शन करतीं सुहागिनें। - फोटो : Rewari
विज्ञापन
रेवाड़ी। जिले में वीरवार को करवाचौथ का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु के लिए निराजल व्रत रखा। रात में सुहागिनें सोलह शृंगार कर चंद्रदेव का दर्शन कर उन्हें अर्घ्य दिया। उनकी पूजा-अर्चना की। साथ ही उनसे सुहाग की दीर्घायु के साथ ही परिवार की सुख शांति का वर भी मांगा। महिलाएं दोपहर में सामूहिक रूप से बैठकर चौथ माता की कथा भी सुनी।
विज्ञापन

करवाचौथ के दिन वीरवार को सुहागिनें दिनभर व्रत और पूजन में लगी रहीं। वे इस दौरान करवा, माला, मिठाई, धूप आदि पूजन सामग्री को एकत्रित करने के लिए बाजार में खरीदारी भी की। इस दौरान दोपहर में उन्होंने सामूहिक रूप से बैठकर चौथ माता का विधि विधान से पूजा की और कथा सुनी। रात को चंद्रदेव को देखकर पूजन के बाद अर्घ्य दिया और चलनी में से उनका दर्शन कर पति की लंबी आयु की कामना की। परंपराओं के अनुसार इस दिन सुहागिनें व्रत रखती हैं। ये व्रत सुबह सूरज उगने से पहले से लेकर और रात्रि में चंद्रमा निकलने तक रहता है। इस दौरान महिलाओं ने बाजारों में जाकर पूजन सामग्री की खरीदारी भी की। साथ ही साज शृंगार के लिए ब्यूटी पार्लर पर भी गईं।
ज्योतिषाचार्य पंडित अजय शास्त्री ने कहा कि करवाचौथ का पर्व पति-पत्नी को जोड़ने का काम करता है। यह व्रत कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को किया जाता है। इस बार रोहिणी नक्षत्र का संयोग होने से इस व्रत का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि चंद्रमा की 27 नक्षत्र रूपी पत्नियों में रोहिणी उन्हें सर्वाधिक प्रिय है, ऐसे में चंद्रमा सहित रोहिणी का पूजन करना विशेष फलदायक होगा। इस दिन सभी सुहागिन स्त्रियों सुबह जल्दी स्नान कर सोलह शृृंगार करती हैं। भारतीय नारी महान है, जो अपने पति व बच्चों की लंबी उम्र के लिए व्रत को करती है। शास्त्रों में कहा गया है कि जिस घर व समाज में नारी की इज्जत होती है, वहां पर देवता निवास करते हैं।
विज्ञापन

ब्यूटी पार्लरों पर लगी रही भीड़
करवाचौथ पर ब्यूटी पार्लरों और मेहंदी लगाने वालों की दुकानों पर दिनभर महिलाओं की भीड़ लगी रही। इस दौरान कुछ महिलाओं ने पहले से ही ब्यूटी पार्लर में बुकिंग कर रखी थी।
कई प्रकार के व्यंजन भी बनाए
करवा चौथ पर्व पर महिलाएं निराजल व्रत रहती हैं। साथ ही श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करती हैं। इसके बाद वे पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं। इस दौरान महिलाएं घर पर कई तरह के व्यंजन भी बनाती हैं। पूरा परिवार सामूहिक रूप से व्यंजन का आनंद लेता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें