संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा ने बाल विवाह पर सख्त कार्रवाई को लेकर मैरेज पैलेस व बैंक्वेट हॉल के संचालकों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया, आख्या तीज का शुभ मुहूर्त है। इस मुहूर्त पर बड़ी संख्या में शादियां होती हैं।
अक्षय तृतीया पर बाल विवाह भी संपन्न किया जाता है। बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा है बल्कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार कानूनन अपराध है। अक्षय तृतीया पर 30 अप्रैल को विवाह करवाने वाले पुजारी, पाठी, गांव के पंच, सरपंच, नंबरदार व शहरों में नगर पार्षदों एवं सामुदायिक केंद्र, सार्वजनिक भवन, बैंकट हाल, मैरिज पैलेस, धर्मशाला इत्यादि के मालिक, प्रभारियों, कार्ड प्रिंटिंग, फोटोग्राफर, बैंड बाजा व टेंट हाउस आदि के संचालकों को निर्देश दिए है कि वे अपने क्षेत्र में आयोजित होने वाले विवाह समारोह के संबंध में पहले से दूल्हा व दुल्हन के आयु प्रमाण पत्रों की जांच कर लें। आयु प्रमाण पत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखें। अपने क्षेत्र में बाल विवाह का आयोजन न होने दें। ऐसा पाए जाने पर इसकी सूचना प्रशासन को दें और बाल विवाह रोकना सुनिश्चित करें। विवाह के लिए लड़की की शादी की उम्र 18 वर्ष व लड़के की शादी की उम्र 21 वर्ष निर्धारित की गई है।