रेवाड़ी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गौतम की अदालत ने फायरिंग मामले में आरोपी अलवर के प्रतापपुर निवासी योगेश कुमार की मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी का उपचार पीजीआई रोहतक में कराया जा सकता है और मेडिकल रिपोर्ट में उसकी हालत को जानलेवा बताते हुए अंतरिम जमानत देने की सिफारिश नहीं की गई है।
मामला 26 जनवरी 2026 का है। पुलिस को कोसली थाना क्षेत्र के मजरा बस स्टैंड के पास फायरिंग की सूचना मिली थी। मौके पर क्षतिग्रस्त बोलेरो, शीशे के टुकड़े, एक मैगजीन और लोहे की पाइप व कुल्हाड़ी मिली थी। घायल सुरेंद्र उर्फ ढिल्लिया को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके बयान और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बयानों के आधार पर देसी पिस्तौल, मैगजीन, लोहे की पाइप, वाहन और अन्य सामान बरामद किया था। आरोपी योगेश ने 29 सितंबर से 15 नवंबर तक मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत मांगी थी।
मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार योगेश को 23 सितंबर को पीजीआई रोहतक में भर्ती किया गया था, जहां उसके गले में टॉन्सिलर एब्सेस पाया गया। 26 सितंबर को ईएनटी विभाग में उसकी सर्जरी हुई। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया और नियमित ड्रेसिंग के लिए पीजीआई भेजा जाता रहा।
अदालत ने कहा कि जिला जेल में इनडोर अस्पताल की सुविधा नहीं होने के कारण आरोपी के उपचार की जरूरत होने पर जेल अधीक्षक पीजीआई रोहतक के सक्षम अधिकारी से उसके दाखिले के लिए संपर्क कर सकते हैं। अदालत ने मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं पाया और याचिका खारिज कर दी।