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Rewari: छात्रा को बंधक बनाने का आरोप, एग्जाम देने से रोका, परिजन पहुंचे कॉलेज

Mon, 16 Jun 2025 05:25 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, बावल

सार

सिरसा से छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को फाइनल एग्जाम देने से रोका जा रहा है और उसे जबरन कमरे में बंद रखा गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। दरअसल मामला छात्रों की मांगों को लेकर है जिसके लिए एग्जाम का बहिष्कार किया जा रहा है। 
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कॉलेज में छात्राओं ने किया एग्जाम बहिष्कार करती हुई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बावल के कृषि महाविद्यालय में सोमवार को एक नया विवाद सामने आया। सिरसा से आए छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को फाइनल एग्जाम देने से रोका जा रहा है और उसे जबरन कमरे में बंद रखा गया है। परिजन दिलीप कुमार ने बताया कि उनकी बेटी द्वितीय वर्ष की छात्रा है और उसका फाइनल एग्जाम चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ शरारती तत्वों ने उनकी बेटी को बंधक बनाया और इसकी वीडियो उनके पास मौजूद है। दिलीप ने प्रशासन से मांग की कि जो छात्र एग्जाम देना चाहते हैं, उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए, क्योंकि यह उनके भविष्य का सवाल है।

सूचना मिलने पर महिला पुलिस की एक टीम महाविद्यालय पहुंची और मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान छात्राओं ने एकजुट होकर कहा कि वे एग्जाम नहीं देना चाहतीं, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं। इस दौरान छात्रों ने छात्र एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए। पुलिस ने दोबारा पूछा कि क्या वे एग्जाम देना चाहती हैं, तो छात्राओं ने एक स्वर में कहा कि मांगें पूरी ना होने तक वे परीक्षा में शामिल नहीं होंगी। इसके बाद पुलिस टीम वहां से वापस लौट गई।
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छात्राओं को धमकाने का लगाने का आरोप

सिरसा से आई एक अन्य अभिभावक संगीता ने बताया कि जब वे अपनी बेटी को लेने हॉस्टल पहुंचीं, तो उनकी बेटी को एक कमरे में बंद पाया। उन्होंने दावा किया कि एक कमरे में पांच-पांच छात्राएं बंद थीं। महिला पुलिस की मदद से उनकी बेटी को बाहर निकाला गया। संगीता ने आरोप लगाया कि छात्राओं को धमकाया जा रहा है, जिसके कारण वे एग्जाम देने से डर रही हैं।



छात्र नेता का बयान

छात्र नेता सुमित, जो महाविद्यालय में चतुर्थ वर्ष का छात्र है उसने मीडिया को दिए बयान में बंधक बनाने के आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्रा को बंधक नहीं बनाया गया। सुमित ने उल्टा आरोप लगाया कि छात्रावास में पहली बार पुरुष स्टाफ की अनाधिकृत एंट्री हुई है जो अनुचित है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन जारी रखेंगे। छात्रों ने यह भी दावा किया कि शिक्षक उन्हें लुभावने ऑफर दे रहे हैं और जबरन एग्जाम देने के लिए दबाव डाल रहे हैं। उनका कहना है कि कोई भी छात्र परीक्षा देने को तैयार नहीं है, लेकिन प्रशासन द्वारा जबरदस्ती की जा रही है।

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