छात्राओं को धमकाने का लगाने का आरोप
सिरसा से आई एक अन्य अभिभावक संगीता ने बताया कि जब वे अपनी बेटी को लेने हॉस्टल पहुंचीं, तो उनकी बेटी को एक कमरे में बंद पाया। उन्होंने दावा किया कि एक कमरे में पांच-पांच छात्राएं बंद थीं। महिला पुलिस की मदद से उनकी बेटी को बाहर निकाला गया। संगीता ने आरोप लगाया कि छात्राओं को धमकाया जा रहा है, जिसके कारण वे एग्जाम देने से डर रही हैं।
छात्र नेता का बयान
छात्र नेता सुमित, जो महाविद्यालय में चतुर्थ वर्ष का छात्र है उसने मीडिया को दिए बयान में बंधक बनाने के आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्रा को बंधक नहीं बनाया गया। सुमित ने उल्टा आरोप लगाया कि छात्रावास में पहली बार पुरुष स्टाफ की अनाधिकृत एंट्री हुई है जो अनुचित है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन जारी रखेंगे। छात्रों ने यह भी दावा किया कि शिक्षक उन्हें लुभावने ऑफर दे रहे हैं और जबरन एग्जाम देने के लिए दबाव डाल रहे हैं। उनका कहना है कि कोई भी छात्र परीक्षा देने को तैयार नहीं है, लेकिन प्रशासन द्वारा जबरदस्ती की जा रही है।
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