रेवाड़ी। पुराने भाजपाई को धारूहेड़ा नगर पालिका उपप्रधान बनाने की कवायद को चुनाव से पहले ही झटका लगता दिख रहा है। इस गुट के 6 पार्षदों में से एक राव गुट में पहुंच गया है। ऐसे में अब संख्या बल में बेहद कमजोर पड़ चुका राव विरोधी गुट भी पानी के साथ बहने की तैयारी में है। अर्थात यदि कोई बड़ा खेल नहीं हुआ तो बुधवार को सर्वसम्मति से 10 पार्षदों को वादियों की सैर कराने वाला पार्षद उपप्रधान की कुर्सी हासिल करने में कामयाब रहेगा।
बता दें कि भ्रमण पर निकले पार्षद मंगलवार को दिल्ली पहुंच चुके हैं। यहां से वे सीधे बस में सवार होकर चुनाव के लिए पहुंचेंगे। कयास लगाए जा रह हैं कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत भी इन पार्षदों के साथ पहुंच सकते हैं। जिस पार्षद को उपप्रधान बनाने की कवायद चल रही है उसे केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत का आशीर्वाद प्राप्त है। लेकिन राजनीतिक जानकारों की मानें तो उक्त पार्षद इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टन अजय यादव का झंडा उठाता रहा है। इसी के चलते पार्षद बने भाजपा पदाधिकारी किसी पुराने भाजपाई को उपप्रधान बनाने के प्रयास में लगे हुए थे, लेकिन अब वे मायूूस नजर आ रहे हैं।
प्रधान पद रिक्त, इसलिए उपप्रधान अहम
दिसंबर में हुए नगर पालिका चुनाव में पहली बार सीधे भाजपा-जजपा उम्मीदवार व बड़े नामों को पछाड़ते हुए निर्दलीय कंवर सिंह यादव चेयरमैन बनने में कामयाब रहे थे। लेकिन दूसरे नंबर पर रहे संदीप बोहरा की शिकायत के आधार पर चुनाव आयोग ने जांच के बाद 10वीं कक्षा की फर्जी मार्कशीट मामले में अयोग्य करार दे दिया था। इसके चलते पार्षदों का शपथ ग्रहण भी नहीं हुआ था। एक माह पहले ही चुनाव के 6 माह बाद शपथ ग्रहण के बाद उपप्रधान चुनाव एक माह के अंदर कराने का खाका तैयार हो गया था। धारूहेड़ा नगर पालिका के 17 पार्षदों में पहली बैठक में कोरम पूरा करने के लिए 12 पार्षदों की जरूरत है। ऐसे में राव समर्थक गुट के पास यह आंकड़ा आसानी से पूरा हो जाएगा।
हाईकोर्ट में भी है मामला
धारूहेड़ा नगर पालिका उपप्रधान चुनाव को लेकर मामला हाई कोर्ट में भी पहुंचा हुआ है। धारूहेड़ा निवासी रंजन यादव ने याचिका दायर कर संवैधानिक संकट का हवाला दिया है। उन्होंने याचिका में प्रधान की नियुक्ति तक उप-प्रधान के चुनाव पर रोक लगाने की मांग की है। इस मामले में 16 जुलाई को सुनवाई होनी है, लेकिन स्टे नहीं होने के कारण 14 को होने वाले चुनाव में कानून कोई अड़चन नहीं है।