संवाद न्यूज एजेंसी
भिवाड़ी। बंद हो चुकी एक कंपनी के नाम से 50 लाख रुपये का चेक जारी कर स्क्रैप का भुगतान हड़पने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। भिवाड़ी पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में भिवाड़ी निवासी अमित कुमार झा ने बताया कि अरुण देव बिल्डर लिमिटेड से जुड़े मनोज भारद्वाज और कुशांक खन्ना तथा जमुना इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक गुरमीत सिंह और संतोष कुमार भारद्वाज ने स्क्रैप के भुगतान के बदले उन्हें 50 लाख रुपये का चेक दिया था। जब उन्होंने चेक बैंक में जमा कराया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण वह बाउंस हो गया।
पीड़ित का आरोप है कि भुगतान की मांग करने पर आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। बाद में उन्होंने पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद अमित कुमार झा ने ऑनलाइन जांच की, जिसमें पता चला कि जिस कंपनी के नाम से चेक जारी किया गया था, उसे कई वर्ष पहले रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) द्वारा स्ट्राइक ऑफ कर बंद किया जा चुका है।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी तथ्यों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला कारोबारी लेन-देन में फर्जी दस्तावेजों और बंद कंपनियों के नाम के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है।