धारूहेड़ा। साहबी बैराज को वेटलैंड घोषित करने के संबंध में रविवार को गांव जड़थल और गांव रालियावास में बैठक रिटायर्ड वन अधिकारी कमल सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई। इसमें सर्वसम्मति से 31 मई को मसानी बैराज के प्रदूषित जल के समाधान के लिए पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया गया।
यह यात्रा ग्राम जीतपुरा से शुरू होकर जड़थल तक पहुंचेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11 बजे कमल सिंह यादव के नेतृत्व में दूसरा कार्यक्रम ग्राम रालियावास में आयोजित किया गया। वहां पहुंचने पर सरपंच प्रतिनिधि अशोक यादव, पूर्व सरपंच छबीला राम, नंबरदार बिशन सिंह ने उनका स्वागत किया।
रालियावास में भी 31 मई को पदयात्रा को लेकर सहमति बनी। यह यात्रा ग्राम जीतपुरा से प्रारंभ होकर तितरपुर, मसानी, डूंगरवास, निखरी, निगानियावास, रालियावास, पचगांव होते हुए जड़थल में सुबह 8 बजे संपन्न होगी।
दूसरे चरण में यह यात्रा भटसाना से शुरू होकर लगभग 10 गांवों से गुजरते हुए मीरपुर में समाप्त होगी। इस अभियान का उद्देश्य मसानी बैराज के पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषित जल की समस्या के समाधान तथा वेटलैंड घोषित कराने के लिए जनजागरण करना है।
बैठक में ग्रामीणों ने एकजुट होकर आश्वासन दिया कि गंदे पानी की समस्या के समाधान के लिए वे तन-मन-धन से सहयोग करेंगे।
समय-समय पर नए कार्यक्रम होंगे निर्धारित
सदस्यों ने बताया कि इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा। आगे की गतिविधियों के लिए समय-समय पर नए कार्यक्रम निर्धारित किए जाएंगे। बैठक में ब्लॉक समिति सदस्य धीरज यादव, वैभव यादव, पूर्व सरपंच नवल सिंह, कृष्ण कुमार मिस्त्री तथा अन्य कई ग्रामीण उपस्थित रहे। जड़थल गांव में पहुंचने पर ग्राम सरपंच राजू चौहान, ब्लॉक समिति सदस्य अभिषेक शर्मा तथा पूर्व सरपंच लालचंद सहित ग्रामीणों ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया।