कोसली। देवी माता मंदिर के प्रांगण में हर साल की भांति इस बार भी अष्टमी पर मेला आयोजित किया गया। यह मेला वर्ष में दो बार नवरात्रों के दौरान लगता है जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन और मनोकामनाओं के लिए पहुंचते हैं।
यहां नवजात शिशुओं के मुंडन संस्कार (बाल उतारने) की परंपरा भी निभाई जाती है। श्रद्धालु बाबा मुक्तेश्वर पुरी मठ में दूध और दही चढ़ाकर अपनी भक्ति और श्रद्धा प्रकट करते हैं। इस अवसर पर माता की आराधना, भजन कीर्तन और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
मेले के सुचारू संचालन और सेवा कार्य में प्रमुख रूप से लखन मास्टर, अमन सेठ, कमल, बिट्टू और हरिओम ने सहयोग प्रदान किया। उनके सहयोग से श्रद्धालुओं को सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की गई।