रेवाड़ी। बावल रोड स्थित बिठवाना की अनाज मंडी में रोस्टर के हिसाब से वीरवार को मंडी में सरसों लेकर आए किसानों को मंडी के अंदर नहीं जाने दिया। किसानों ने रोड पर ही अपने वाहन खड़ा करना शुरू कर दिए। सैकड़ों वाहन मंडी के पास खड़े होने से सुुबह करीब 11 बजे से रोड पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। यातायात को सुचारु कराने के लिए पुलिस लगानी पड़ी। दोपहर दो बजे बिठवाना व बावल की अनाज मंडी में बारदाना खत्म होने सरसों की खरीद बंद कर दी गई। गुस्साए किसानों ने मंडी में हंगामा कर दिया। तीन बजे दोबारा से बारदाना मिलने के बाद खरीद शुरू हुई।
बिठवाना मंडी में बुधवार रात तक खरीद करने के बाद 300 से ज्यादा किसानों की सरसों की खरीद नहीं हो पाई। हैफेड ने इन किसानों की सरसों वीरवार को सुबह से ही खरीदना शुरू कर दिया था। रोस्टर के अनुसार वीरवार को छह गांवों के किसानों सरसों की खरीद होनी थी। इन गांवों के करीब 300-350 किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच गए। मौके पर तैनात पुलिस प्रशासन ने मंडी में फैली अव्यवस्था के कारण किसानों को मंडी के बाहर ही रोक दिया। सुबह करीब 11 बजे बावल रोड पर ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गई। बावल रोड पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। सूचना के बाद माडल टाउन थाना प्रभारी राजदीप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्क्त के बाद पुलिस ने यातायात सुचारु कराया। बिठवाना व बावल की अनाज मंडियों में दोपहर दो बजे बारदाना खत्म होने से खरीद बंद कर दी गई। जिससे किसानों में गुस्सा फूट गया। किसानों ने बताया कि बुधवार से मंडी में अपनी फसल लेकर आए हुुए हैं। बारदाना खत्म हो जाने के कारण सरसों की तुलाई नहीं की जा रही। बावल में भी बारदाना खत्म हो जाने के कारण किसानों ने हंगामा कर दिया। दोपहर करीब तीन बजे बारदाना मंडी में पहुंचा। जिसके बाद दोबारा से खरीद प्रक्रिया शुरू हुई।
क्या बोले किसान...
वह सुबह छह बजे से मंडी में आया हूं। भीड़ होने की वजह से ट्रैक्टर-ट्रॉली को मंडी में अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। भूखे-प्यासे किसान अपनी फसल के साथ रोड पर ही खड़े हैं। सरकार की ओर से व्यवस्था अधूरी हैं। मंडी प्रशासन को पूरा बारदाना देना चाहिए।
- प्रवीन कुमार, रालियावास
मैं सुबह पांच बजे से मंडी में अपनी फसल लेकर आया हुआ हूूं। टोकन नहीं मिलने के कारण मंडी में अंदर नहीं जाने दे रहे। दिन के 12 बज गए हैं। ट्रैक्टर ट्राली छोड़कर कहीं खाना खाने भी नहीं जा सकता। प्रशासन की ओर से भी कोई सुध लेने वाला नहीं हैं।
- सूबे सिंह, सालावास
मैंने सुबह पांच बजे से लाइन में खड़ा होकर टोकन लिया था। कर्मचारियों की गलती के कारण फार्म में ओवरराईटिंग हो गई। जिससे पुलिसकर्मियों ने करीब एक घंटे तक मंडी में अंदर नहीं आने दिया। कर्मचारियों की गलती का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
-राजकुमार, आसियाकी
सुबह तो टोकन के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा। उसके बाद बेचने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। अब दिन के दो बज रहे हैं। मंडी में बारदाना खत्म हो गया है। इसलिए फसल की तुलाई नहीं की जा रही है। जिससे उन्हें काफी परेेशानी उठानी पड़ रही है।
- भीम सिंह, अलावलपुर