अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। रोडवेज कर्मचारियों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल को बढ़ाकर 29 अक्तूबर तक करने से रोडवेज प्रबंधन भी सख्त हो गया है। शुक्रवार को रेवाड़ी डिपो की तरफ से 122 बसों का संचालन करके सवा तीन लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। रोडवेज का दावा है कि सभी रूटों पर बसों का संचालन सामान्य हो गया है। उधर, रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में सर्व कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है और शिक्षक तालमेल कमेटी के आह्वान पर जिले में 1014 शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि केवल 24 शिक्षक अवकाश रहे जिनकी अवकाश पहले से ही स्वीकृत थे।
रोडवेज की तालमेल कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा ग्यारहवें दिन भी सेक्टर-एक स्थित जवाहरलाल नेहरू पार्क में धरना दिया। धरने में बड़ी संख्या में रोडवेज कर्मचारियों के साथ हरियाणा कर्मचारी महासंघ, सर्व कर्मचारी संघ सहित आशा कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर समर्थन दिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। देवेंद्र तिवाड़ी ने कहा कि रोडवेज के 18 कर्मचारी नई बसों को खरीदने के लिए अपना एक माह का वेतन और बोनस तक देने को तैयार हैं जिससे सरकार हठधर्मिता छोड़ें। उधर, सर्व कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने राजीव चौक पर रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में दो दिवसीय भूख हड़ताल की। भूख हड़ताल में संघ की तरफ पांच पदाधिकारियों ने इसमें भाग लिया।
शिक्षक संगठनों का दावा 1014 शिक्षक रहे सामूहिक अवकाश पर
रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताया। हसला के जिलाध्यक्ष हरीश यादव ने दावा किया कि जिले के लगभग 253 स्कूलों में केवल 39 प्रतिशत ही शिक्षक उपस्थित रहे। स्कूलों में शु्क्रवार को बायोमीट्रिक सिस्टम से लगी हाजिरी में केवल 701 शिक्षकों ने ही लगाई है जबकि शेष 1014 ने सामूहिक अवकाश लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। हालांकि ज्यादातर शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश के बाद अपना स्कूल नहीं छोड़ा और बच्चों की पढ़ाई कराई। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रधान महाबीर यादव ने बताया कि जिले से बड़ी संख्या में शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खटावली स्कूल के तमाम शिक्षक अवकाश पर रहे हैं, हालांकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी गई है।
दो और चालक गए हड़ताल पर
रोडवेज प्रबंधन ने शुक्रवार को आरटीए और अनुबंध के आधार पर रखे चालकों की सहायता से 122 बसों का संचालन किया। इसमें रोडवेज के 20 चालक थे और वीरवार को जो चालक वापस आए थे वे शुक्रवार को फिर से हड़ताल में शामिल हो गए। हालांकि शुक्रवार को रोडवेज ने अन्य दिनों की अपेक्षा सर्वाधिक सवा तीन लाख रुपये का राजस्व अर्जित हासिल किया है। रोडवेज का दावा भले ही 122 बसों का हो लेकिल लोकल रूटों पर सेवाओं पर असर पड़ा। यात्रियों को बसों के लिए इंतजार करना पड़ा।
शुक्रवार को 122 बसों का संचालन करके यात्रियों को सहूलियत देने का प्रयास किया गया है। शनिवार को इससे भी अधिक बसों के संचालन का प्रयास किया जाएगा। हड़ताल से निपटने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
-बलवंत सिंह, गोदारा महाप्रबंधक रोडवेज
शिक्षक संगठनों का दावा गलत है कि इतनी संख्या में शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहे हैं। शुक्रवार को केवल 24 शिक्षक अवकाश पर थे जिनके पहले ही स्वीकृत थे। स्कूलों में ज्यादातर शिक्षकों की उपस्थिति रही है और हड़ताल का यहां के विभागों में कोई असर नहीं है।
-रामकुमार फलसवाल, जिला शिक्षा अधिकारी।