स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों से अधिक लाभ दिया किसानों को : कृषि मंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। केंद्र सरकार द्वारा फसलों के समर्थन मूल्य में की गई बढ़ोतरी को लेकर शुक्रवार को कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने केंद्र सरकार की तारीफों के पुल बांधे। उन्होंने कहा कि यह देश के इतिहास में पहला मौका जब समर्थन मूल्य में 70 प्रतिशत से भी अधिक तक की बढ़ोतरी हो गई है। यह कदम किसानों की स्थिति को पूरी तरह बदल देगा। शुक्रवार को शहर के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पहली लागत एवं लाभ के आधार पर समर्थन मूल्य तय किए हैं। इससे हरियाणा के किसानों के खाते में लगभग 1500 करोड़ रुपये हैं। गेहूं और धान के ही 1200 करोड़ रुपये होंगे। उन्होंने कहा कि किसान कोई भी फसल उगाए उसको लाभ अब बराबर मिलेगा। कांग्रेस सरकार दस साल सत्ता में रही तथा स्वामीनाथन आयोग का गठन करने के बाद भी उसकी रिपोर्ट को लागू नहीं किया गया। मोदी सरकार ने अब एमएसपी में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों से भी अधिक लाभ किसान को समर्थन मूल्य बढ़ाकर देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि एमएसपी के तहत पहले राज्य सरकारें भाव कम रहने पर 25 प्रतिशत ही फसल खरीद सकती थी लेकिन अब इसकी यह सीमा हटा दी गई है जिससे सरकार पूरी फसल खरीद सकेगी। इससे किसानों को एमएसपी से भी अधिक भाव मिल सकता है। कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि पानी की अधिकाधिक बचत की जा सके। इसी योजना के तहत सोलर आधारित सब्सिडी पंपसेट दिए जा रहे हैं। सोलर पंपसेट से किसानों को हर समय बिजली मिलेगी तथा सरकार की भी छह हजार करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी बचेगी।
मंत्री को भेंट की बाजरे की थैलियां
इससे पूर्व कृषि मंत्री के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पहुंचने पर किसानों के एवं विभिन्न गांवों के पंचायत प्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं ने उनका पगड़ी व फूल मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर किसानों ने धनखड़ को बाजरे की थैलियां भी भेंट की तथा बाजरे के समर्थन मूल्य में की गई बढ़ोतरी की सराहना की। प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद यादव ने भी अपने विचार रखे तथा किसानों के लिए किये गये संघर्ष की याद को ताजा किया। इस मौके पर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ओपी ग्रोवर, जिलाध्यक्ष योगेंद्र पालीवाल, व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सतीश खोला, लक्ष्मण सिंह यादव, महाबीर यादव, प्रीतम चौहान, रामपाल यादव, शारदा यादव, थसत्यव्रत शास्त्री, बाबूलाल व संजय चौहान, किशोर कुमार, मोहन तिवाड़ी, अतर सिंह पांचाल, दीपक मंगला, अशोक मुदगिल, मा. हुकुम सिंह, बलजीत यादव, जितेंद्र यादव, अजय काटीवाल, आनंद राठौड़ रत्नेश बंसल, अनूप धनखड़, सीटीएम डॉ. विरेंद्र सिंह, तहसीलदार मनमोहन, कार्यकारी अभियंता पंचायती राज धर्मबीर, बीडीपीओ दीपक, बीडीपीओ राजेंद्र सिंह मौजूद थे।