अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
मैं बस इसी मिथक को तोड़ना चाहती थी कि सरकारी स्कूल में होने के बाद टॉप टेन सूची में स्थान हासिल नहीं किया जा सकता है। मुझे अपने आप पर इतना विश्वास था कि मेहनत के बल बूते सब कुछ हासिल किया जार सकता है तथा मेरा परिणाम अब सामने हैं। मैने अपने नाना के आशीर्वाद और शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह मुकाम हासिल किया है। यह कहना है जिले से टॉप टेन की सूची में स्थान हासिल करने वाले राजकीय हाई स्कूल की छात्रा योगिता तंवर का। योगिता 490 अंक हासिल करके टॉप टेन की सूची में स्थान बनाकर अपने स्कूल के साथ माता-पिता का नाम रोशन कर दिया है। मूल: रूप से जिला महेंद्रगढ़ के गांव बायल निवासी जयसिंह तंवर की बेटी योगिता अपने नाना ओमपाल सिंह चौहान के पा ही रहकर पढ़ाई कर रही है। योगिता ने कक्षा पहली से दसवीं तक की पढ़ाई के दौरान कभी निजी स्कूल का मुंह तक नहीं देखा है लेकिन फिर विलक्षण प्रतिभा की धनी इस बेटी ने अपने स्कूल का नाम न केवल रोशन किया है अपितु सरकारी स्कूलों के प्रति कायम सोच को भी बदलने का काम किया है।
अमर उजाला से मिली सूचना के बाद खुशी से फूली नहीं समाई
योगिता इस समय दिल्ली में अपनी बड़ी बहन पूजा के पास गई हुई है। योगिता के पिता जयसिंह दिल्ली में ज्वैलर्स के यहां काम करते हैं और उसका परिवार भी काफी समय से दिल्ली में ही रह रहा है। परीक्षा समाप्त होने के बाद वह दिल्ली चली गई थी। सोमवार को जब परिणाम आया तो योगिता को टॉप टेन की सूची में नाम आने की जानकारी सबसे पहले अमर उजाला ने ही दी। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास अवश्य था लेकिन सबसे पहले सूचना अमर उजाला के माध्यम से मिली है। उन्होंने बताया कि उन्होंने आज तक टयूशन नहीं किया लेकिन पढ़ाई के प्रति नियमित थी और रात 11 बजे तक पढ़ाई करने के बाद सुबह चार बजे से पढ़ाई करती थी। इस दौरान उसके स्कूल के शिक्षकों का भी मार्गदर्शन मिलता रहा। शिक्षकों की भी उम्मीद को पूरा किया है।