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सरकारी कार्यालयों में पहुंच 90 साल की वृद्धा दे रही जीवित होने का सबूत

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मैं 90 साल की जिंदा हूं, मेरी पेंशन क्यों बंद कर दी...
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राहुल यादव
रेवाड़ी।
सीहा गांव की एक बुजुर्ग महिला दो साल से अपने जीवित होने का सबूत पेश कर रही है लेकिन सरकारी हीला हवाली ने उसकी पेंशन अटका रखी है। इसके चलते उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सीहा गांव निवासी शांति देवी (90) की दो साल पहले समाज कल्याण विभाग ने वृद्धावस्था पेंशन रोक दी। पूछने पर बताया कि महिला की मौत हो चुकी है। सूत्र बताते हैं कि विभाग की तरफ से किसी अन्य महिला का नाम काटते समय गलती से शांति देवी का नाम कट गया। अब अपना नाम जुड़वाने के लिए वृद्ध महिला दो साल से विभाग के चक्कर काट रही है। उसका नाम अभी तक नहीं जुड़ सका है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की तरफ से वृद्धावस्था पेंशन के लिए 1800 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं।
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सरपंच ने भी दे चुके हैं लिखकर
पेंशन बंद होने पर सरपंच और वार्ड पार्षद से लिखवाकर विभाग को देना होता है। सीहा सरपंच राजेंद्र सिंह ने बताया कि वह स्वयं दो बार विभाग को वृद्धा की पेंशन चालू कराने के लिए दरखास्त दे चुके हैं, लेकिन अधिकारी चंडीगढ़ फाइल अटकाने की बात कहकर मामला उलझा देते हैं। बुजुर्ग महिला की पेंशन चालू कराने के लिए सीएम विंडो तक शिकायत दे चुकी हैं। लेकिन कोई हल नहीं निकला। बुजुर्ग महिला की तीन बेटियां और चार बेटे हैं।
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हमने बुजुर्ग महिला की पेंशन चालू कराने के लिए चंडीगढ़ फाइल भेज रखी है। रिपोर्ट आते ही पेंशन चालू करा दी जाएगी। साथ ही पेंशन कटने से लेकर अब तक की सारी राशि दी जाएगी। - रेेणु बाला, समाज कल्याण अधिकारी, रेवाड़ी
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